Delhi Metro: दिल्ली का दिल कहे जाने वाली मेट्रो से हर दिन लाखों की संख्या में यात्री सफर करते है। इसी बीच अब जल्द दिल्लीवासियों को जबरदस्त खुशी मिलने वाली है। दिल्ली के साथ-साथ नोएडा और गाजियाबाद के लोगों को भी फायदा मिलने की उम्मीद है। दरअसल डीएमआरसी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर तुगलकाबाद को कालिंदी कुंज से कनेक्ट किया है। गौरतलब है कि दोनों स्टेशन काफी अहम है। मालूम हो कि कालिंदी कुंज से ज्यादातर लोग नोएडा जाने वाले कालिंदी कुंज से ही जाते है। चलिए आपको बताते है इससे जुड़ी सभी अहम जानकारी।
तुगलकाबाद से कनेक्ट होगा कालिंदी कुंज मेट्रो स्टेशन
डीएमआरसी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा कि ‘साउथ दिल्ली की बढ़ती यात्रा ज़रूरतों को ध्यान में रखते हुए, दिल्ली मेट्रो गोल्डन लाइन का एलिवेटेड विस्तार कर रही है। तुगलकाबाद से कालिंदी कुंज तक 3.9 किलोमीटर में फैला यह कॉरिडोर यमुना रिवरफ्रंट के साथ बसे इलाकों को बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेगा। यह नया मार्ग न केवल सफ़र को तेज़ और सुविधाजनक बनाएगा बल्कि सड़क यातायात को कम करते हुए शहर की परिवहन व्यवस्था को और संतुलित करेगा”।
साउथ दिल्ली की बढ़ती यात्रा ज़रूरतों को ध्यान में रखते हुए, दिल्ली मेट्रो गोल्डन लाइन का एलिवेटेड विस्तार कर रही है। तुगलकाबाद से कालिंदी कुंज तक 3.9 किलोमीटर में फैला यह कॉरिडोर यमुना रिवरफ्रंट के साथ बसे इलाकों को बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेगा।
यह नया मार्ग न केवल सफ़र को… pic.twitter.com/CAuloQEoGQ
— Delhi Metro Rail Corporation (@OfficialDMRC) January 27, 2026
गौरतलब है कि विस्तार से दिल्ली मेट्रो की रफ्तार तेजी से बढ़ रही है। तुगलकाबाद-कालिंदी कुंज कॉरिडोर की लंबाई कुल 3.900 किमी के आसपास होगी, जिसमे कुल 3 स्टेशन होंगे। अगर रूट की बात करें तो यह मेट्रो तुगलकाबाद से होकर सरिता विहार डिपो, मदनपुर खादर होते हुए कालिंदी कुंज जाएगी।
नोएडा, गाजियाबाद वासियों के लिए साबित होगा गेमचेंजर
मालूम हो कि कालिंदी कुंज मेट्रो स्टेशन से नोएडा की दूरी काफी कम है। जिसकी वजह से बड़ी संख्या में लोग कालिंदी कुंज से ही मेट्रो पकड़ते है। जबकि दिल्ली से नोएडा की दूरी ज्यादा है। यही कारण है कि अगर तुगलकाबाद को कालिंदी कुंज से कनेक्ट कर दिया जाता है, तो नोएडा से आना जाना और आसान हो जाएगा। जिसके कारण नोएडा और गाजियाबाद की कनेक्टिविटी और तेज हो जाएगी। यह कहना गलत नहीं होगा कि दिल्ली और एनसीआर में मेट्रो की कनेक्टिविटी तेजी बढ़ रही है।





