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‘छात्रों के साथ पुलिस का ऐसा व्यवहार व्यथित करता है’, दिल्ली जंतर-मंतर की घटना पर बोले जस्टिस भुइयां

Ujjal Bhuyan: सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस उज्ज्वल भुइयां ने कहा कि पुलिस अधिकारियों से जिस संयम की उम्मीद की जाती है, वह किसी तरह खत्म होता दिख रहा है। जो यह वास्तव में गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि 'जब हम भारतीय पुलिस सेवा के युवा अधिकारियों को खुद जाकर प्रदर्शनकारियों और प्रदर्शनकारी छात्रों से मारपीट करते हुए देखते हैं तो हम सभी को दुख होता है।'

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By: Rupesh Ranjan

Published: सितम्बर 5, 2026 12:20 अपराह्न

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Ujjal Bhuyan: शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस उज्ज्वल भुइयां ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों की तरफ से प्रदर्शनकारियों पर हुए हमले पर चिंता जताते हुए कहा कि यह देखना बहुत ही दुखद है। उन्होंने कहा कि ‘जब हम भारतीय पुलिस सेवा के युवा अधिकारियों को खुद जाकर प्रदर्शनकारियों और प्रदर्शनकारी छात्रों से मारपीट करते हुए देखते हैं तो हम सभी को दुख होता है।’ यह बातें जस्टिस उज्ज्वल भुइयां ने पूर्व सचिव (सुरक्षा) यशोवर्धन आजाद की लिखी किताब ‘पुलिसिंग द रिपब्लिक’ के विमोचन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कही।

दिल्ली जंतर-मंतर घटना पर जस्टिस भुइयां की टिप्पणी

आपको बता दें कि जस्टिस भुइयां की यह टिप्पणी देश में विरोध प्रदर्शनों से निपटने के तरीकों को लेकर चल रही बहस के बीच आई है। उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारियों से जिस संयम की उम्मीद की जाती है, वह किसी तरह खत्म होता दिख रहा है। जो यह वास्तव में गंभीर चिंता का विषय है। जस्टिस उज्ज्वल भुइयां ने आगे कहा कि ‘पुलिस ज्यादा बल का इस्तेमाल किए बिना या लोगों के अधिकारों का उल्लंघन किए वगैर असरदार कानून-व्यवस्था बनाए रख सकती है। लेकिन आज ऐसा कम होता दिख रहा है।’

पुलिस की ड्यूटी पर Ujjal Bhuyan ने कही ये बात

मालूम हो कि प्रदर्शनकारियों और छात्रों के अधिकारों के हित पर जस्टिस भुइयां की यह पहली टिप्पणी नहीं है, बल्कि वह हाल के दिनों में इस विषय पर कई बार अपने विचार साझा कर चुके हैं। इससे पहले उन्हें 25 जुलाई को भोपाल में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान सुना गया था। यहां उन्होंने कहा था कि, अलग-अलग विचारों के लिए सार्वजनिक जगहें सिमटती जा रही हैं। जस्टिस भुइयां का मानना है कि, अगर सरकार के अधिकारियों द्वारा ही कानून को तोड़ने का क्रम जारी रहेगा, तो ऐसे में कानून के प्रति अनादर भाव पैदा होगा। इनसे अराजकता को बढ़ावा मिलेगा। जिसे कोई भी सभ्य देश ऐसा होने के पक्ष में नहीं चाहेगा। बता दें कि जस्टिस भुइयां अपने बेबाक विचारों के लिए पूरे देश में चर्चा में रहे हैं। उनके विचार सोशल मीडिया पर सनसनी के तौर पर फैल रहा है। जिन्हें हजारों लोग शेयर कर रहे हैं।

 

 

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Rupesh Ranjan

Rupesh Ranjan is an Indian journalist. These days he is working as a Independent journalist. He has worked as a sub-editor in News Nation. Apart from this, he has experience of working in many national news channels.
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