कल का मौसम 10 July 2026: मानसून के सक्रिय होने के साथ देश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी है। आईएमडी ने अगले 24 घंटे के लिए दिल्ली समेत कई इलाकों में अलर्ट जारी कर दिया है। विभाग ने तेज बारिश, आंधी और बिजली गिरने की संभावना को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी गई है। विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटे कई इलाकों में भारी बारिश लोगों की परेशानी बढ़ा सकती है।
आसमानी आफत का कहर इस कदर है कि मुंबई, गुजरात समेत खई राज्य पूरी तरह से जलमग्न हो गए है। लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। विभाग ने लगतार सतर्क रहने की सलाह दी गई है। इसके अलावा लगातार आईएमडी रिपोर्ट पर नजर रखने की बात कही गई है। अगर पहाड़ों की बात करें तो यहां भी स्थिति काफी चिंताजनक है। विभाग ने भूस्खलन के साथ ओलावृष्टि का अलर्ट जारी कर दिया है। नदियों का जलस्तर पूरी तरह से बढ़ चुका है।
दिल्ली-NCR में बारिश का खतरा बढ़ा
राजधानी दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में अगले 24 घंटे मौसम खराब रहने की संभावना है। IMD के अनुसार, दिल्ली-NCR में भारी बारिश के कारण जलभराव, ट्रैफिक जाम और निचले इलाकों में परेशानी की स्थिति बन सकती है। कुछ इलाकों में तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है। मालूम हो कि दिल्ली में लगातार बारिश हो रही है, जिससे लोगों की परेशानी हो गई है।
कई जगहों पर जलजमाव की स्थिति देखने को मिल रही है। अगर कल के मौसम की बात करें तो विभाग ने चांदनी चौक, दिल्ली यूनिवर्सिटी, लोधी रोड, राजघाट, नरेला, पालम, सफदरजंग, प्रगति मैदान समेत कई जगहों पर अलर्ट जारी कर दिया है। इसके साथ ही मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतें और जरूरी होने पर ही यात्रा करें।
बाहर निकलने से इन बातों का रखें ध्यान
- मौसम अपडेट जरूर देखें।
- जलभराव वाले रास्तों से बचें।
- आंधी के दौरान पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें।
- बिजली चमकने के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचें।
- लंबी यात्रा से पहले मौसम की स्थिति जांच लें।
दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश और उसके आस-पास के इलाकों में बने कम दबाव के साफ़ क्षेत्र के असर से, 10 जुलाई को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में और 10 जुलाई, 2026 को उत्तराखंड में कहीं-कहीं बहुत ज़्यादा बारिश होने की संभावना है। आज, 10 जुलाई से महाराष्ट्र, गुजरात और मध्य प्रदेश समेत देश के मध्य हिस्सों में और 10 जुलाई से दक्षिणी प्रायद्वीपीय भारत में बारिश की गतिविधियों में काफी कमी आने की संभावना है।







