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Aeroponic Technique: अब बिना मिट्टी हवा में पैदा होंगे आलू और सब्जियां, केद्रीय मंत्री ने फोटो शेयर दिखाई अविश्वसनीय तकनीक

By: Aarohi

On: शनिवार, दिसम्बर 13, 2025 5:55 अपराह्न

Aeroponic Technique
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Aeroponic Technique: संचार एवं प्रौद्योगिकी मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सोशस मीडिया पर एरोपोनिक तकनीक की कुछ तस्वीरों को शेयर किया है। इसके साथ ही बताया है कि, किस तरह से इस तकनीक से बिना मिट्टी ही आलू हवा में लटकेंगे और सब्जियां भी भविष्य में कुछ इस तरह से ही उगाई जाएंगी। एरोपोनिक्स तकनीक किसानों के लिए काफी लाभकारी होने वाली है। क्योंकि इससे उनका पानी का पैसा बचेगा और अच्छा उत्पादन भी मिलेगा।

Aeroponic Technique के बारे में संचार एवं प्रौद्योगिकी मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बताया

ज्योतिरादित्य सिंधिया ने एरोपोनिक्स तकनीक की तस्वीरों को शेयर किया है। इसके साथ ही फोटो के साथ कैप्शन शेयर करते हुए लिखा, “राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय, ग्वालियर में एरोपोनिक्स आधारित आलू बीज उत्पादन की प्रक्रिया का नजदीकी अवलोकन किया और इस उन्नत तकनीक के माध्यम से किसानों को सशक्त बना रहे विद्यार्थियों से इसकी बारीकियाँ समझीं। यह जानकर आश्चर्य होगा कि इस तकनीक में पौधों को मिट्टी के बिना, केवल पोषक घोल की सूक्ष्म फुहारों में उगाया जाता है, जबकि उनकी जड़ें हवा में स्थिर रहती हैं। इस उन्नत दृष्टिकोण और नवाचार को देखकर गर्व होता है कि विश्वविद्यालय के छात्र नवीनतम तकनीकों का उपयोग कर हमारे अन्नदाताओं को सशक्त बनाने की निरंतर पहल कर रहे हैं।”

इस खास तकनीक का फायदा देश के उन इलाकों को होगा, जहां पर भारी मात्रा में आलूओं का उत्पादन किया जाता है। इसमें उत्तर प्रदेश, बंगाल, बिहार, मध्य प्रदेश और गुजरात जैसे राज्य हैं।आपको बता दें, एरोपोनिक तकनीक पर काम उत्तर प्रदेश में पहले से ही चल रहा है। हापुड़ में “सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर पोटैटो” में इस तकनीक की टेस्टिंग चल रही हैं। अगर ये तकनीक सक्सेसफुल हो जाती है तो देश ही नहीं विदेश में भी इसका डंका बजेगा।

एरोपोनिक तकनीक क्या है?

एरोपोनिक तकनीक एक अंधेरे वाले चैंबर की जरुरत होती है। जिसमें सब्जियों की जड़ों को खास वातावरण में लटकाया जाता है। इसमें हवा में सब्जियों को उगाने के लिए खास तरह का पोषक तत्वों से भरा स्प्रे छिड़का जाता है। सब्जियों के सहारे के लिए गमलों और रस्सी को लगाया जाता है। इस तकनीक में बीज पर किसी भी तरह का कीड़ा नहीं लग पाता है। इसके साथ ही इन्हें ऑक्सीजन भी भरपूर मात्रा में मिलता है। इस तकनीक में 95 फीसदी तक पानी की बचत होती है।

Aarohi

आरोही डीएनपी इंडिया हिन्दी में देश, राजनीति , सहित कई कैटेगिरी पर लिखती हैं। लेकिन कुछ समय से आरोही अपनी विशेष रूचि के चलते ओटो और टेक जैसे महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी लोगों तक पहुंचा रही हैं, इन्होंने अपनी पत्रकारिता की पढ़ाई निफ्टू यूनिवर्सिटी से पूर्ण की है और लंबे समय से अलग-अलग विषयों की महत्वपूर्ण खबरें लोगों तक पहुंचा रही हैं।
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