CM Mohan Yadav: किसानों को सशक्त करने की दिशा में प्रयासरत मध्य प्रदेश सरकार लगातार निर्णायक फैसले ले रही है। गेहूं की फसल काटने के बाद एमपी के किसान लगातार सरकारी मंडियों पर पहुंचे हैं। इसका असर ये है कि अब तक सीएम मोहन यादव की सरकार ने 91 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीदारी कर ली है। आसार जताए जा रहे हैं कि जल्द ही सरकार 100 लाख मीट्रिक टन का आंकड़ा छू लेगी। सीएम मोहन यादव ने किसानों की सुविधा को देखते हुए इसी क्रम में गेहूं उपार्जन की तिथि भी बढ़ा दी है। अब राज्य के किसान 28 मई तक मंडियों में गेहूं बेच सकेंगे।
MP में CM Mohan Yadav की सरकार ने बढ़ाई गेहूं उपार्जन की तिथि!
मध्य प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में स्थित सरकारी मंडियों पर गेहूं खरीदारी का दौर लगातार जारी है।
हमारी सरकार ने किसान हित में बड़ा निर्णय लेते हुए गेहूं उपार्जन की अवधि बढ़ाकर 28 मई, 2026 कर दी है। pic.twitter.com/ueqnIKxDwA
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) May 21, 2026
किसानों की मांग को देखते हुए सीएम मोहन यादव की सरकार ने गेहूं उपार्जन की तिथि बढ़ाने का निर्णय लिया है। पहले जो गेहूं उपार्जन की अंतिम तिथि 20 मई थी, वो अब बढ़कर 28 मई हो गई है। कृषक अब राज्य के अलग-अलग हिस्सों में स्थित मंडियों पर पहुंच कर 28 मई तक अपने गेहूं की फसल बेच सकते हैं। सीएम मोहन यादव की सरकार गेहूं की खरीदारी पर न्यूनतम समर्थन मूल्य 2585 रुपए प्रति क्विंटल के साथ 40 रुपए प्रति क्विंटल का बोनस भी दे रही है। ये दर्शाता है कि कैसे राज्य सरकार किसानों के हित का ख्याल रख रही है।
सरकार की पहल से किसानों को बंपर फायदा
गेहूं उपार्जन की तिथि बढ़ाने से जुड़ी सरकारी पहल से किसानों को बंपर फायदा होगा। बड़ी संख्या में ऐसे किसान हैं जिनकी फसल अभी मंडियों तक नहीं पहुंची है। उनकी मांग थी कि सरकार गेहूं उपार्जन की तिथि बढ़ाए। इसी क्रम में 20 मई के बजाज 28 मई तक गेहूं उपार्जन की तिथि बढ़ा दी गई है। इससे अधिक से अधिक किसानों की फसल एमएसपी पर मंडी पहुंचेगी और उन्हें लाभ मिलेगा। सीएम मोहन यादव की सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जा रही है एमएसपी हासिल कर कृषक सशक्त होंगे और उनकी दशा-दिशा बदलेगी।






