CM Mohan Yadav: उत्तराखंड के बाद अब जल्द मध्य प्रदेश में यूसीसी यानि ( युनिफॉर्म सीविल कोड) लागू होने जा रहा है। इसकी जानकारी खुद मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री CM Mohan Yadav ने अपने एक्स हैंडल से साझा की है। बता दें कि उत्तराखंड और गोवा में यूसीसी पहले से ही लागू हो चुकी है। वहीं अब एमपी में भी यह लागू होने जा रही है। मुख्यमंत्री ने खुद राज्य के लोगों से अपील की है कि वह अपना सुझाव दे, ताकि इसे लागू किया जा सके।
मालूम हो कि यूनिफॉर्म सिविल कोड में देश में सभी धर्मों, समुदायों के लिए एक सामान, एक बराबर कानून बनाने की वकालत की गई है। यानि साफ शब्दों में कहें तो किसी भी धर्म के लिए एक ही कानून लागू होगा। बता दें कि मुस्लिम समुदाय में तलाक की प्रक्रिया है, लेकिन यूसीसी लागू होने के बाद एक ही नियम मानने होंगे।
यूसीसी लागू करने को लेकर CM Mohan Yadav ने दी अहम जानकारी
मध्य प्रदेश के CM Mohan Yadav ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर जानकारी देते हुए लिखा कि “हम सभी नागरिकों के हितों की सुरक्षा करते हुए UCC लागू करेंगे। आज ‘समान नागरिक संहिता, मध्यप्रदेश’ की वेबसाइट http://ucc.mp.gov.in लॉन्च की। इस पोर्टल पर आमजन 15 जून 2026 तक UCC को लेकर अपने बहुमूल्य सुझाव और मत दर्ज करा सकते हैं।
हम सभी नागरिकों के हितों की सुरक्षा करते हुए UCC लागू करेंगे।
आज ‘समान नागरिक संहिता, मध्यप्रदेश’ की वेबसाइट https://t.co/6Ih7KuzRBc लॉन्च की। इस पोर्टल पर आमजन 15 जून 2026 तक UCC को लेकर अपने बहुमूल्य सुझाव और मत दर्ज करा सकते हैं।
आपका सुझाव मप्र के हर नागरिक को समानता, न्याय… pic.twitter.com/lTbDLabJv3
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) May 22, 2026
आपका सुझाव मप्र के हर नागरिक को समानता, न्याय और सामाजिक सुरक्षा दिलाने में ऐतिहासिक भूमिका निभाएगा। इस अवसर पर UCC की उच्च स्तरीय समिति की अध्यक्ष एवं माननीय सुप्रीम कोर्ट की सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति श्रीमती रंजना प्रकाश देसाई जी सहित समिति के अन्य सम्मानित सदस्य भी वर्चुअली जुड़े”।
कैसे काम करेगा यूसीसी?
यूसीसी का मतलब यह नहीं होता कि हर व्यक्ति की धार्मिक परंपराएं खत्म हो जाएंगी। इसका मुख्य विचार यह है कि पारिवारिक और नागरिक मामलों में सभी नागरिकों के लिए एक समान कानूनी नियम लागू हों। चलिए आपको बताते है –
- शादी – इस कानून के लागू होने के बाद सभी धर्मों के लिए शादी के लिए एक ही नियम होगा। बता दें कि मुस्लिम समुदाय शादी का अलग नियम है।
- तलाक – अगर तलाक की बात करें तो ये भी सभी धर्मों के लिए एक समान होगा। जबकि अभी मुस्लिम समुदाय में तलाक के नियम अलग है।
- गोद लेना – गोद लेने के लिए सभी नागरिकों के लिए समान कानूनी प्रक्रिया बनाई जा सकती है।
हालांकि यूसीसी का अंतिम स्वरूप उस राज्य या कानून के ड्राफ्ट पर निर्भर करता है। हर राज्य या कानून में नियम अलग तरीके से लिखे जा सकते हैं।
