Mohan Yadav: मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार समाज के हर वर्ग के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ विकास कार्य कर रही है। बीजेपी यानी भारतीय जनता पार्टी की अगुवाई वाली डबल इंजन की सरकार ने राज्य में किसानों, युवाओं, महिलाएं और बुजुर्गों की भलाई के लिए कई अहम कदम उठाए हैं। साथ ही एमपी सरकार ने प्रदेश के स्कूली बच्चों के लिए भी एजुकेशन क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण सुधार किए हैं। एमपी सरकार के ईमानदारी और पूर्ण निष्ठा के साथ उठाए गए कदमों की वजह से ही स्कूली छात्रों का भविष्य बेहतर हो रहा है।
मोहन यादव सरकार ने शिक्षा सुधार में उठाए हैं कई कदम
बीजेपी के नेतृत्व वाली मोहन यादव सरकार ने शिक्षा क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण स्तर और बेहतर सुविधाओं को प्रदान करने का प्रयास किया है। एमपी सरकार ने हाल ही वर्षों के दौरान शिक्षा को आधुनिक और रोजगार देने वाला जरिया बनाने का प्रयास किया है। सरकार ने परीक्षा में फेल होने वाले छात्रों के लिए सप्लीमेंट्री एग्जाम की जगह पर सेकेंड मेन एग्जाम की शुरुआत की है। छात्र उसी साल फिर से परीक्षा दे सकते हैं, इससे स्कूली बच्चों का ड्रॉप रेट और तनाव कम होता है। इस सिस्टम को कक्षा 9वीं से 12वीं तक लागू किया जा रहा है।
इसके अलावा, बीजेपी सरकार ने पीएम श्री और स्मार्ट स्कूल जैसी पहलों को शुरू किया है। जानकारी के मुताबिक, एमपी में 693 पीएम श्री स्कूल विकसित किए जा रहे हैं। ये सभी स्कूल मॉडल स्कूल कहलाएंगे। इनमें डिजिटल लर्निंग के साथ स्मार्ट एजुकेशन का विकल्प दिया जाएगा। एमपी सरकार एनईपी यानी नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2020 नीति को लागू किया है। इसके तहत इसमें क्लास 6 से छात्रों को स्किल आधारित शिक्षा दी जा रही है। साथ ही एक से अधिक विषयों को पढ़ने की छूट मिलती है।
मध्यप्रदेश में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर सुविधाओं के साथ सशक्त हो रहा विद्यार्थियों का भविष्य@DrMohanYadav51 @schooledump #CMMadhyaPradesh #MadhyaPradesh pic.twitter.com/16jssmSFOc
— Chief Minister, MP (@CMMadhyaPradesh) April 15, 2026
सीएम मोहन यादव ने छात्र-छात्राओं को दी बधाई
हाल ही में एमपी के सीएम मोहन यादव ने मध्यप्रदेश बोर्ड परीक्षा 2025-26 की 10वीं एवं 12वीं की परीक्षाओं के परिणाम घोषित किए। इस दौरान सीएम मोहन ने कहा, ‘मध्य प्रदेश बोर्ड परीक्षा 2025-26 में विद्यार्थियों ने कीर्तिमान स्थापित किया है। विगत 16 वर्षों में, 12वीं में इस बार सर्वश्रेष्ठ परीक्षा परिणाम आया है। यह परिणाम स्वर्णिम मध्यप्रदेश की नई गाथा है। आज 10वीं एवं 12वीं की परीक्षाओं के परिणाम घोषित कर प्रावीण्य सूची में स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों और उत्तीर्ण होने वाले सभी छात्र-छात्राओं को बधाई। आप सभी के शिक्षकों तथा अभिभावकों का अभिनंदन करता हूं, जिन्होंने अपने मार्गदर्शन और त्याग से आपके संकल्प को पूरा करने में योगदान दिया है।’
उन्होंने आगे कहा, ‘जनजातीय जिलों का परिणाम राज्य में सर्वश्रेष्ठ है। साथ ही, बेटियों ने भी अपना वर्चस्व बनाए रखा है। शिक्षा क्षेत्र में निरंतर हो रहे सुधारों का सुफल है कि शासकीय विद्यालयों के विद्यार्थियों ने अच्छा प्रदर्शन किया है। उनका परीक्षा परिणाम निजी विद्यालयों से अधिक है। पहली बार मप्र में पूरक परीक्षा के स्थान पर द्वितीय अवसर परीक्षा का आयोजन हो रहा है। इसमें असफल विद्यार्थियों के साथ परीक्षा परिणाम में सुधार के इच्छुक विद्यार्थी भी भाग ले सकते हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के माध्यम से यह संभव हो रहा है।’






