Mohan Yadav: मध्य प्रदेश डेयरी सेक्टर में नई ऊंचाइयों को छू रहा है। दुग्ध उत्पादन की दिशा में राज्य की स्थिति काफी अच्छी हुई है। ग्रामीण इलाकों से लेकर शहरों तक लोग गौ-पालन के प्रति आकर्षित हुए हैं। इसकी प्रमुख वजह सीएम मोहन यादव के नेतृत्व वाली सरकार की नीतियां भी हैं। राज्य सरकार गौशालाओं को 10 लाख रुपए तक की सब्सिडी मुहैया कराते हुए मध्य प्रदेश को डेयरी सेक्टर में नंबर-1 बनाने का काम कर रही है। सीएम मोहन यादव की पहल से जहां एक ओर ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत हुई है, दूसरी ओर प्राकृतिक खेती को बढ़ावा मिला है।
MP में गौशालाओं को सब्सिडी दे रही Mohan Yadav सरकार!
राज्य की बीजेपी सरकार गौशालाओं को तय नियम व शर्तों के साथ 10 लाख रुपए की सब्सिडी मुहैया करा रही है।
डेयरी सेक्टर में मध्यप्रदेश को नंबर-1 बनाएंगे।
गौशालाओं को सब्सिडी देकर हम न केवल दूध उत्पादन में निरंतर वृद्धि कर रहे हैं, बल्कि गौ-संस्कृति के संरक्षण-संवर्धन में भी योगदान दे रहे हैं।
इस पहल से ग्रामीण अर्थव्यवस्था भी सुदृढ़ होगी और प्राकृतिक खेती को भी बढ़ावा मिलेगा। pic.twitter.com/TCJ0M35ljt
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) May 6, 2026
सीएम मोहन यादव का लक्ष्य है कि मध्य प्रदेश को डेयरी सेक्टर में देश का अग्रणी राज्य बनाया जाए। इस दिशा में कई अनुकूल नीतियां बनाई गई हैं। 25 गायों की गौशालाओं खोलने के लिए 10 लाख रुपए तक की सब्सिडी दी जा रही है, ताकि लोग प्रोत्साहित हो सकें। इससे इतर ग्रामीण इलाकों में गायों को गोद लेने वाले परिवारों को 1500 रुपए प्रति माह का अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है। सीएम मोहन यादव की सरकार ये सभी प्रयास गौशालाओं को बढ़ावा देकर राज्य को डेयरी सेक्टर में नंबर-1 बनाने के लिए कर रही है। इससे गौपालक भी सशक्त हो रहे हैं।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूते के साथ प्राकृतिक खेती को बढ़ावा
डेयरी सेक्टर में मध्य प्रदेश नित नए आयाम स्थापित कर रहा है। इसका असर ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर भी पड़ रहा है। बड़े पैमाने पर किसान गाय पालने का काम करते हुए दुग्ध उत्पादन कर अपनी आय बढ़ा रहे हैं। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था भी सुदृढ़ हो रही है। इसके अलावा सीएम मोहन यादव की पहल से राज्य में प्राकृतिक खेती को भी बढ़ावा मिल रहा है। पालतू जानवरों के अवशेष को प्राकृतिक खाद्य के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे खेतों को नुकसान नहीं पहुंचेगा और फसलों की गुणवत्ता अच्छी होगी। यही वजह है कि राज्य में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा मिला है।






