Bhagwant Mann: पंजाब में बुलेट की रफ्तार से विकास कार्य किए जा रहे हैं। सूबे के मुख्यमंत्री भगवंत मान शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बुनियादी ढांचे को लगातार बेहतर करने का प्रयास कर रहे हैं। साथ ही समय-समय पर पंजाब के लोगों की समस्याएं जानकर उन्हें दूर करने की कोशिश भी करते हैं। ऐसे में सीएम मान ने बीते दिन श्री मुक्तसर साहिब जिले की गिद्दड़बाहा विधानसभा क्षेत्र के साहिब चंद गांव में एक सनसभा आयोजित की। इस दौरान एएपी यानी आम आदमी पार्टी के सीनियर लीडर ने क्षेत्र के निवासियों के साथ संवाद किया। साथ ही उनकी सभी परेशानियों को जल्द दूर करने का भरोसा दिया।
सीएम भगवंत मान ने दोहराई जन कल्याण की प्रतिबद्धता
जनसभा में पंजाब के सीएम भगवंत मान ने निवासियों की दिक्कतों को गंभीरता पूर्वक सुना और सूबे के विकास तथा जन कल्याण के प्रति पंजाब सरकार की प्रतिबद्धता को एक बार फिर से दोहराया। इस दौरान सीएम मान ने सड़क, पानी, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। उन्होंने कहा, ‘सरकार जनता के साथ सीधा संपर्क मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है और लगातार अलग-अलग जिलों में जाकर लोगों की समस्याएं सुन रही है।’
ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ ਵੱਲੋਂ ਹਲਕਾ ਗਿੱਦੜਬਾਹਾ ਦੇ ਪਿੰਡ ਸਾਹਿਬ ਚੰਦ ਵਿਖੇ ਲੋਕ ਮਿਲਣੀ ਵਿੱਚ ਸ਼ਿਰਕਤ ਕੀਤੀ ਗਈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੇ ਇਸ ਮੌਕੇ ਲੋਕਾਂ ਨਾਲ ਰੂ-ਬ-ਰੂ ਹੋ ਕੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੀਆਂ ਸਮੱਸਿਆਵਾਂ ਸੁਣੀਆਂ ਅਤੇ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਵਿਕਾਸ ਲਈ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਦੀ ਵਚਨਬੱਧਤਾ ਦੁਹਰਾਈ।
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Chief Minister @BhagwantMann… pic.twitter.com/aLKnmC9nTi— CMOPb (@CMOPbIndia) May 11, 2026
सनद रहे कि एएपी सरकार ने पंजाब के बहुमुखी विकास के लिए कई जनकल्याणकारी योजनाओं को लागू किया है। मान सरकार ने एजुकेशन सेक्टर में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। इसमें स्कूल ऑफ एमिनेंस जैसा बड़ा कदम भी शामिल है। वहीं, स्वास्थ्य क्षेत्र में सभी नागरिकों को 10 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज प्रदान किया है। हेल्थ कार्ड के जरिए निवासी पंजाब के किसी भी सरकारी और निजी अस्पताल में अपना उपचार करवा सकते हैं। इसके अलावा, मान सरकार ने किसानों, महिलाओं और बुजुर्गों के कल्याण के लिए भी कई अहम निर्णय लिए हैं।
सीएम भगवंत मान बोले- ‘उन्होंने ज़ुल्म के आगे अपना सिर नहीं झुकाया’
उधर, पंजाब के सीएम भगवंत मान ने बीते दिनों ‘शुक्राना यात्रा’ में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने कहा, ‘आज ‘शुक्राना यात्रा’ के दौरान, मुझे श्री फतेहगढ़ साहिब की पवित्र धरती पर शीश नवाने का सौभाग्य प्राप्त हुआ, जो दुनिया के सबसे बड़े बलिदान की साक्षी है। यह वह स्थान है जहां माता गुजरी जी ने, ठंडे बुर्ज की कड़ाके की ठंड में अपने प्रियजनों, बाबा जोरावर सिंह जी और बाबा फतेह सिंह जी के साथ बैठकर, उन्हें सत्य के मार्ग पर चलने की शक्ति प्रदान की थी।’
उन्होंने आगे कहा, ‘इन कोमल आत्माओं ने दीवारों में जिंदा चुनवाए जाना स्वीकार कर लिया, फिर भी उन्होंने ज़ुल्म के आगे अपना सिर नहीं झुकाया। आज, उसी महान विरासत से प्रेरणा लेते हुए, हमारी सरकार ने पंजाब से बेअदबी के अभिशाप को उसकी जड़ों से ही मिटाने के लिए कड़े कानून बनाए हैं।’






