CM Bhagwant Mann: पंजाब सरकार किसानों को लगातार मदद पहुंचा रही है। खेतों में बिजली से लेकर नहर के पानी तक, किसानों को सारी जरूरी चीजे मुहैया कराई जा रही है। इसकी बीच सीएम भगवंत मान की अगुवाई में पंजाब सरकार द्वारा फिरोजपुर फीडर नहर के पुनरुद्धार के पहले चरण का उद्घाटन सिर्फ एक सरकारी कार्यक्रम नहीं बल्कि कृषि पुनर्जागरण की दिशा में बड़ा कदम है। करीब 180 करोड़ की लागत से तैयार इस परियोजना ने मात्र 35 दिनों में रिकॉर्ड बनाते हुए नहर की क्षमता में 2681 क्यूसे की बढ़ोतरी की है।
पहले जहां इसकी क्षमता 11,192 क्यूसेक थी, अब यह बढ़कर 13,873 क्यूसेक हो गई है। इस बदलाव का सीधा फायदा फिरोजपुर, फरीदकोट, श्री मुख्तसर साहिब और फाजिलका जिलों के 14 ब्लॉकों को मिलेगा। लगभग 6.45 लाख हेक्टेयर खेतों में नहर का पानी भरपूर तरीके से पहुंचेगा। इसकी जानकारी खुद आप पंजाब ने अपने एक्स हैंडल से शेयर की है।
CM Bhagwant Mann की अगुवाई में किसानों को होगा फायदा
मान सरकार की प्राथमिकता पंजाब समर्थक विकास कार्यों को लेकर है! सिरहिंद फीडर नहर के निर्माण के दौरान, मान सरकार ने नहर के बीच में 1×1 मीटर के गड्ढे खोदे हैं ताकि आसपास के खेतों की मिट्टी की उर्वरता बनी रहे और भूजल स्तर स्थिर रहे।सतही जल के साथ-साथ भूजल स्तर को बनाए रखना भी आवश्यक है, जिसके लिए मान सरकार उचित कदम उठा रही है।
ਪੰਜਾਬ ਪੱਖੀ ਵਿਕਾਸ ਦੇ ਕੰਮਾਂ ਨੂੰ ਮਾਨ ਸਰਕਾਰ ਦੀ ਤਰਜੀਹ !!
ਮਾਨ ਸਰਕਾਰ ਵੱਲੋਂ ਸਰਹਿੰਦ ਫੀਡਰ ਨਹਿਰ ਨੂੰ ਪੱਕਿਆਂ ਕਰਨ ਮੌਕੇ ਉਸਦੇ ਨਾਲ ਲੱਗਦੇ ਖੇਤਾਂ ਦੀ ਮਿੱਟੀ ਦੀ ਉਪਜਾਊ ਸ਼ਕਤੀ ਨੂੰ ਬਰਕਰਾਰ ਰੱਖਣ ਲਈ ਨਹਿਰ ਦੇ ਵਿਚਕਾਰ 1×1 ਮੀਟਰ ਘੇਰੇ ਦੇ ਟੋਏ ਰੱਖੇ ਗਏ ਹਨ ਤਾਂ ਜੋ ਧਰਤੀ ਹੇਠਲੇ ਪਾਣੀ ਦਾ ਪੱਧਰ ਸਥਿਰ ਰਹੇ।
ਧਰਤੀ ਉੱਪਰਲੇ ਪਾਣੀ ਦੇ… pic.twitter.com/pITD15QRx1
— AAP Punjab (@AAPPunjab) March 2, 2026
इसका मुख्य काम फसल को समय पर सिंचाई, उत्पादन में बढ़ोतरी और ट्यूबवेल पर निर्भरता में कमी आएगी। परियोजना की खास बात यह भी रही कि इसे अंजाम देने के लिए 4000 वर्करों और 126 अधिकारियों की टीम ने दिनरा सक्रियता निभाई।
किसानों को कैसे होगा फायदा?
नहर की गहराई 18 फीट से बढ़ाकर 21 फीट और चौड़ाई 163 फीट से बढ़ाकर 180 फीट कर दी गई है। जिससे पानी बहने की क्षमता और प्रभाव दोनों बेहतर हुए हैं। सरकार ने कहा कि पंजाब में नहर के पानी की पहुंच जो पहले करीब 21% थी, अब बढ़कर 68% हो गई है और इसे 85% तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है।
इससे ना सिर्फ भूजल दोहन पर लगाम लगेगी बल्कि किन्नू बेल्ट जैसे बागवानी क्षेत्रों में भी नई हरियाली लौटेगी। साथ ही इससे लाखों किसानों के जीवन में समृद्धि और फसलों में खुशहाली आना तय है। सबसे अहम पहलू यह है कि अब गांव तक नहर का स्वच्छ पानी पहुंचेगा। जिससे प्रदूषित पानी पर निर्भरता कम होगी और ग्रामीणों के स्वास्थ्य पर सकारात्मक असर पड़ेगा।






