CM Bhagwant Mann: पंजाब सरकार लगातार अपने राजस्व में बढ़ोतरी कर रही है। गौरतलब है कि सीएम भगवंत मान की अगुवाई में पंजाब की जीएसटी राजस्व में रिकॉर्ड तोड़ वृद्धि! इसकी जानकारी खुद पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से दी है। सीएम भगवंत मान की अगुवाई में पंजाब तेजी से विकास कर रहा है। शिक्षा से लेकर स्वास्थ्य तक और रोजगार से लेकर व्यवसाय तक हर क्षेत्र में राज्य के लोगों को फायदा पहुंच रहा है। इसके अलावा विकास के लिहाज से भी पंजाब नया अध्याय लिख रहा है। जिसने टेंशन बढ़ा दी है। जलिए आपको बताते है इससे जुड़ी सभी अहम जानकारी
जीएसटी राजस्व रिकॉर्ड में जबरदस्त बढ़ोतरी
पंजाब सरकार में वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने एक एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि मान सरकार के कार्यकाल में पंजाब की जीएसटी राजस्व में रिकॉर्ड तोड़ वृद्धि! हरपाल सिंह ने तुलनात्मक आंकड़े साझा करते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार (2017 से 2022) – ₹61,286 करोड़ (पांच वर्षों में), मान सरकार (2022 से अब तक) – ₹83,739 करोड़ (46 महीनों में), 1 वर्ष और 2 महीने के अतिरिक्त जीएसटी राजस्व से कुल राजस्व में और वृद्धि होगी। इसके अलावा वित्त मंत्री ने कर एवं उत्पाद शुल्क विभाग के आंकड़े साझा किए!!
CM Bhagwant Mann की अगुवाई में तेजी से हो रहा है विकास
हरपाल सिंह चीमा ने आगे बताया कि “पंजाब की जीएसडीपी 7.15% की दर से बढ़ रही है। पेंशन सेवा पोर्टल के डिजिटलीकरण से धोखाधड़ी रुकी है और ₹800 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ है। जीएसटी संग्रह में 80% की वृद्धि होगी और अगले वर्ष तक यह 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो जाएगा।
ਕੈਬਿਨੇਟ ਮੰਤਰੀ @HarpalCheemaMLA ਨੇ ਪਿਛਲੀਆਂ ਸਰਕਾਰਾਂ ਦੇ ਲਏ ਕਰਜ਼ੇ ਤੇ ‘ਆਪ’ ਦੀ ਅਦਾਇਗੀ ਦੇ ਅੰਕੜੇ ਕੀਤੇ ਸਾਂਝੇ !!
👉 ਅਸੀਂ ਪਿਛਲੇਂ ਸਰਕਾਰਾਂ ਦੇ ਚੜ੍ਹਾਏ ਕਰਜ਼ੇ ਦੀ 35% ਪ੍ਰਿੰਸੀਪਲ ਰਕਮ ਤੇ 50% ਵਿਆਜ ਦਰ ਕੀਤੀ ਅਦਾ
👉 ਡੈੱਟ ਤੋਂ ਜੀ.ਐੱਸ.ਡੀ.ਪੀ. ਦਾ ਅਨੁਪਾਤ 48.25% ਤੋਂ ਘਟਾ ਕੇ 44.47% ‘ਤੇ ਲਿਆਂਦਾ
👉 ਸਾਡੇ ਲਏ ਕਰਜ਼ੇ… pic.twitter.com/rxs59vYjAl— AAP Punjab (@AAPPunjab) March 3, 2026
कैबिनेट मंत्री ने पिछली सरकारों द्वारा लिए गए ऋण और ‘आप’ द्वारा किए गए भुगतानों के आंकड़े साझा किए!! हमने पिछली सरकारों द्वारा लिए गए ऋण की मूल राशि का 35% और ब्याज का 50% चुका दिया है। ऋण-से-जीडीपी अनुपात को 48.25% से घटाकर 44.47% कर दिया है। हमारे ऋण का 85% हिस्सा पूरी तरह से पिछली सरकारों द्वारा लिए गए ऋणों को चुकाने में खर्च हुआ है”।






