CM Bhagwant Mann: पंजाब सरकार के निर्देशों का ही नतीजा है कि 11 साल बाद लुधियाना के किला रायरपुर ग्रामीण ओलिंपिक में 11 साल बाद बैलगाड़ियों की दौड़ हुई। बता दें कि आज दोपहर कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खड्डिया ने इसका आयोजन किया। बता दें कि इस आयोजन के शुरू होने सीएम भगवंत मान ने भी खुशी जाहिर की। गौरतलब है कि इन विश्व-प्रसिद्ध बैलगाड़ी की दौड़ों के फिर से शुरू होने से लोगों/दर्शकों की भारी भीड़ उमड़ी। सबसे खास बात है कि इस खेल को देखने को लिए पंजाब के साथ बाहर से भी लोग देखने के लिए पहुंचे थे। गौरतलब है कि सीएम मान की अगुवाई में पंजाब तेजी से विकास कर रही है। हर क्षेत्र में जबरदस्त विकास देखने को मिल रहा है।
रायपुर ग्रामीण ओलंपिक की शुरूआत से गदगद हुए CM Bhagwant Mann
पंजाब के मुख्यमंत्री सीएम भगवंत मान ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर जानकारी देते हुए लिखा कि “अपने वादों को निभाते हुए, हमारी सरकार ने फोर्ट रायपुर की बैल दौड़ और खेलों को पुनर्जीवित किया है, जो पिछले कई वर्षों से बंद पड़े थे। कल से तीन दिवसीय पारंपरिक खेलों का टूर्नामेंट शुरू हो गया है। हमारे प्यारे और लाड़-प्यार से पाले-पोसे गए बैलों की ये दौड़ें बिना किसी क्रूरता के, ठीक वैसे ही आयोजित की जा रही हैं जैसे बेटों का पालन-पोषण किया जाता है।
ਵਾਅਦੇ ਮੁਤਾਬਕ ਬਲ਼ਦਾਂ ਦੀਆਂ ਦੌੜਾਂ ਅਤੇ ਕਿਲ੍ਹਾ ਰਾਏਪੁਰ ਦੀਆਂ ਖੇਡਾਂ ਜੋ ਪਿਛਲੇ ਕਈ ਸਾਲਾਂ ਤੋਂ ਬੰਦ ਪਈਆਂ ਸੀ, ਸਾਡੀ ਸਰਕਾਰ ਨੇ ਮੁੜ ਸੁਰਜੀਤ ਕੀਤੀਆਂ ਨੇ। ਕੱਲ੍ਹ ਤੋਂ 3 ਰੋਜ਼ਾ ਰਿਵਾਇਤੀ ਖੇਡਾਂ ਦੇ ਟੂਰਨਾਮੈਂਟ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋ ਚੁੱਕੇ ਹਨ। ਪੁੱਤਾਂ ਵਾਂਗ ਪਾਲ਼ੇ ਬੇਜ਼ੁਬਾਨ ਬਲ਼ਦਾਂ ਦੀਆਂ ਇਹ ਦੌੜਾਂ ਬਿਨਾਂ ਕਿਸੇ ਅਤਿਆਚਾਰ ਦੇ ਕਰਵਾਈਆਂ ਜਾ… pic.twitter.com/7iGZuRXwdf
— Bhagwant Mann (@BhagwantMann) February 18, 2026
मैं सभी पंजाबियों और खेल प्रेमियों से ग्रामीण ओलंपिक में उत्साहपूर्वक भाग लेने और प्रतिभागियों को प्रोत्साहित करने की अपील करता हूं। आज की पीढ़ी को पंजाब की विरासत और संस्कृति से जोड़ना हमारा कर्तव्य है, जिसके लिए हमारी सरकार निरंतर विशेष प्रयास कर रही है”।
CM Bhagwant Mann के निर्देशों का दिखा असर
सीएम भगवंत मान की अगुवाई में खेल को नई ऊचांई मिली है। बता दें कि हाल ही में पंजाब सरकार ने आईपीएल की तर्ज पर, जिला और राज्य स्तर पर टीमें बनाकर बीसीसीआई और पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन (PCA) के साथ मिलकर आयोजित की जाने वाली इस लीग का उद्देश्य युवा टैलेंट को पहचानना और उन्हें प्रोफेशनल रास्ते पर ले जाना है। इसके अलावा राज्य में 3 हजार से अधिक गांवों का निर्माण किया जा रहा है ताकि, खेल से कोई भी वंचित ना रह सकें और राज्य का नाम रोशन करें।






