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Punjab News: पंजाब सरकार का एनआरआई के लिए बड़ा तोहफा: ई-सनद पोर्टल से मिलेगी 27 सेवाएं घर बैठे,2026 में होगी बड़े स्तर की ‘NRI मिलनी’

Punjab News: पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार ने प्रवासी पंजाबियों और एनआरआई समुदाय के लिए एक क्रांतिकारी कदम उठाते हुए ‘एनआरआई ई-सनद पोर्टल’ लॉन्च किया है। इस डिजिटल पहल के तहत विदेशों में रह रहे पंजाबियों को अब 27 महत्वपूर्ण सरकारी सेवाएं ऑनलाइन मुहैया कराई जाएंगी।

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By: Aarohi

Published: जनवरी 5, 2026 10:31 अपराह्न

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Punjab News: पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार ने प्रवासी पंजाबियों और एनआरआई समुदाय के लिए एक क्रांतिकारी कदम उठाते हुए ‘एनआरआई ई-सनद पोर्टल’ लॉन्च किया है। इस डिजिटल पहल के तहत विदेशों में रह रहे पंजाबियों को अब 27 महत्वपूर्ण सरकारी सेवाएं ऑनलाइन मुहैया कराई जाएंगी। मुख्यमंत्री भगवंत मान की इस पहल का उद्देश्य एनआरआई समुदाय को दस्तावेज़ीकरण और प्रशासनिक सेवाओं के लिए बार-बार पंजाब आने की मजबूरी से मुक्ति दिलाना है। यह पोर्टल खासतौर पर उन प्रवासी पंजाबियों के लिए वरदान साबित होगा जो कनाडा, अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया और यूरोपीय देशों में निवास करते हैं और अपने मूल प्रदेश से जुड़े रहना चाहते हैं।

डिजिटल वेरिफिकेशन के बाद ये सभी सेवाएं उपलब्ध हो जाएंगी

इस पोर्टल के माध्यम से एनआरआई अब जन्म प्रमाण पत्र, मृत्यु प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, विवाह पंजीकरण प्रमाण पत्र सहित कई अन्य दस्तावेज़ घर बैठे प्राप्त कर सकेंगे। पहले एनआरआई को इन दस्तावेज़ों के लिए या तो भारत आना पड़ता था या फिर रिश्तेदारों के माध्यम से लंबी प्रक्रिया पूरी करनी होती थी, जिसमें महीनों लग जाते थे। लेकिन अब मात्र कुछ क्लिक में और डिजिटल वेरिफिकेशन के बाद ये सभी सेवाएं उपलब्ध हो जाएंगी। सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि पोर्टल यूज़र-फ्रेंडली हो और पंजाबी, अंग्रेजी दोनों भाषाओं में उपलब्ध रहे। इससे न केवल समय और पैसे की बचत होगी बल्कि पारदर्शिता भी सुनिश्चित होगी।

पंजाब सरकार ने वर्ष 2026 में एनआरआई पंजाबियों के लिए ‘एनआरआई मिलनी’ नामक एक विशेष अंजुमन की योजना की भी घोषणा की है। इस अनूठी पहल के तहत विश्वभर में बसे पंजाबियों को एक मंच पर लाया जाएगा, जहां वे अपनी सांस्कृतिक पहचान को बरकरार रखते हुए राज्य के विकास में सक्रिय भागीदारी निभा सकेंगे। यह मिलनी प्रवासी पंजाबियों और मातृभूमि के बीच एक सशक्त सेतु का काम करेगी। इस आयोजन में व्यापार, शिक्षा, कृषि, स्वास्थ्य और तकनीक जैसे क्षेत्रों में सहयोग के अवसर तलाशे जाएंगे। सरकार का मानना है कि एनआरआई समुदाय पंजाब की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देता है और उन्हें सम्मानित करना राज्य का दायित्व है।

आंकड़ों के अनुसार, पंजाब से सबसे ज्यादा प्रवासन हुआ है और दुनियाभर में लगभग 30 लाख से अधिक पंजाबी मूल के लोग बसे हुए हैं। ये प्रवासी भारतीय हर साल अरबों रुपये की विदेशी मुद्रा अपने परिवारों को भेजते हैं, जिससे राज्य की आर्थिक स्थिति मजबूत होती है। लेकिन प्रशासनिक सेवाओं में जटिलताओं के कारण वे अक्सर असुविधा का सामना करते थे। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा, “हमारे प्रवासी भाई-बहन पंजाब की धड़कन हैं। उनके लिए सेवाओं को सरल और सुलभ बनाना हमारी प्राथमिकता है। ई-सनद पोर्टल उसी दिशा में एक ठोस कदम है।” उन्होंने यह भी बताया कि सरकार भविष्य में इस पोर्टल पर और अधिक सेवाएं जोड़ने की योजना बना रही है।

भारतीय दूतावासों और उच्चायोगों के साथ समन्वय स्थापित किया है ताकि दस्तावेज़ों का सत्यापन तेज़ी से हो सके

एनआरआई कल्याण मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, इस पोर्टल के माध्यम से संपत्ति से जुड़े दस्तावेज़, पेंशन संबंधी सेवाएं और कानूनी प्रमाणपत्रों की सुविधा भी शीघ्र ही शामिल की जाएगी। राज्य सरकार ने विदेशों में भारतीय दूतावासों और उच्चायोगों के साथ समन्वय स्थापित किया है ताकि दस्तावेज़ों का सत्यापन तेज़ी से हो सके। डिजिटल हस्ताक्षर, आधार आधारित प्रमाणीकरण और ओटीपी वेरिफिकेशन जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर पोर्टल को पूर्णतः सुरक्षित बनाया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम अन्य राज्यों के लिए भी मिसाल बन सकता है जहां बड़ी संख्या में प्रवासी समुदाय मौजूद हैं।

कैनेडा में रहने वाले जसविंदर सिंह ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा, “यह हमारे लिए बहुत बड़ी राहत है। अब हर छोटे-मोटे काम के लिए टिकट काटकर भारत नहीं आना पड़ेगा। पंजाब सरकार ने हमारी समस्याओं को समझा और उसका समाधान किया।” वहीं, लंदन में व्यवसाय करने वाली हरप्रीत कौर ने कहा कि इस तरह की डिजिटल सुविधाओं से प्रवासी पंजाबी अपनी जड़ों से और मजबूती से जुड़े रह सकेंगे। सोशल मीडिया पर भी इस घोषणा को लेकर एनआरआई समुदाय में खुशी की लहर देखी गई है। कई लोगों ने इसे ‘गेम चेंजर’ और ‘ऐतिहासिक कदम’ बताया है।

यह प्रवासी भारतीयों और मातृभूमि के बीच के संबंधों को नई ऊंचाई देगा

विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में यह एक सराहनीय प्रयास है जो न केवल भ्रष्टाचार को कम करेगा बल्कि सेवाओं की गुणवत्ता में भी सुधार लाएगा। तकनीकी विशेषज्ञ डॉ. अमनदीप सिंह ने कहा, “पंजाब सरकार का यह कदम दूरदर्शी है। ऐसे पोर्टल विकसित देशों में आम हैं लेकिन भारत में राज्य स्तर पर यह पहल उल्लेखनीय है।” उन्होंने कहा कि अगर इसे सही तरीके से लागू किया गया तो यह प्रवासी भारतीयों और मातृभूमि के बीच के संबंधों को नई ऊंचाई देगा। साथ ही, इससे निवेश और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को भी बढ़ावा मिलेगा।

पंजाब सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले एनआरआई परिवारों के बुजुर्ग सदस्यों को भी इस सेवा का लाभ मिल सके। इसके लिए सभी तहसील और जिला स्तर के कार्यालयों में हेल्प डेस्क स्थापित किए गए हैं। यहां प्रशिक्षित कर्मचारी नागरिकों की सहायता करेंगे और ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया में मदद करेंगे। सरकार ने टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है जिस पर एनआरआई किसी भी समस्या के लिए संपर्क कर सकते हैं। भाषा की बाधा को दूर करने के लिए अंग्रेजी और पंजाबी दोनों में सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

इस पहल से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि पहले महीने में ही हजारों एनआरआई ने पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करवा लिया है। सरकार ने लक्ष्य रखा है कि अगले छह महीनों में सभी 27 सेवाएं पूरी तरह से चालू हो जाएं और एनआरआई समुदाय को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। राजस्व विभाग, स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग और पुलिस विभाग समेत सभी संबंधित विभागों को इस पोर्टल से जोड़ा जा रहा है। डेटा सुरक्षा और गोपनीयता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार एन्क्रिप्शन का उपयोग किया गया है।

पंजाब सरकार की यह पहल निश्चित रूप से प्रवासी पंजाबियों और उनकी मातृभूमि के बीच के संबंधों को मजबूत करने में मील का पत्थर साबित होगी। विशेषकर युवा पीढ़ी, जो विदेशों में जन्मी और पली-बढ़ी है, वह भी अब आसानी से अपनी जड़ों से जुड़ सकेगी। डिजिटल युग में इस तरह की पहल न केवल सुविधाजनक है बल्कि समय की मांग भी है। आने वाले समय में जब ‘एनआरआई मिलनी’ आयोजित होगी, तो यह पोर्टल उसकी रीढ़ की हड्डी बनेगा और विश्वभर के पंजाबियों को एक मंच पर लाने में अहम भूमिका निभाएगा। पंजाब सरकार का यह प्रयास दर्शाता है कि जनता की सेवा ही सरकार का मूल उद्देश्य है।

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आरोही डीएनपी इंडिया हिन्दी में देश, राजनीति , सहित कई कैटेगिरी पर लिखती हैं। लेकिन कुछ समय से आरोही अपनी विशेष रूचि के चलते ओटो और टेक जैसे महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी लोगों तक पहुंचा रही हैं, इन्होंने अपनी पत्रकारिता की पढ़ाई निफ्टू यूनिवर्सिटी से पूर्ण की है और लंबे समय से अलग-अलग विषयों की महत्वपूर्ण खबरें लोगों तक पहुंचा रही हैं।
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