Rahul Gandhi: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के काम में गड़बड़ी और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शी के साथ मतदाता सूची की निष्पक्षता को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। वहीं इस सब के बीच राहुल गांधी के साथ गठबंधन इंडिया में निर्वाचन आयोग के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस और विपक्षी नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया ताकि मतदाता सूची में निष्पक्षता बहाल किया जा सके। हालांकि सुप्रीम कोर्ट की तरफ से बड़ा झटका मिला है। आइए जानते हैं पूरी खबर क्या है।
क्यों INDIA ब्लॉक राहुल गांंधी संग पहुंचे सुप्रीम कोर्ट
ज्ञानेश कुमार और SIR विवाद की बात करें तो विपक्ष का कहना है कि विशेष गहन पुनरीक्षण के नाम पर फर्जी तरीके से लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। चुनाव में वोट चोरी का आरोप लगाया जा रहा है। वहीं इसे लेकर राहुल गांधी और इंडिया ब्लॉक के अन्य प्रमुख नेताओं ने न सिर्फ मार्च का आयोजन किया बल्कि सुप्रीम कोर्ट में भी अर्जी दाखिल की।
राहुल गांंधी को मिला इन दिग्गजों का साथ
कहा जा रहा है कि सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका में शिकायतकर्ताओं की संख्या 11 है। इनमें राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के अलावा अखिलेश यादव (सपा), तेजस्वी प्रसाद यादव (आरजेडी), सौगत राय (टीएमसी), संजय राउत (शिवसेना-यूबीटी), एम.ए. बेबी (सीपीआई-एम), डी. राजा (सीपीआई), महुआ माजी (जेएमएम), सुप्रिया सुले (एनसीपी-एसपी) और ई.टी. मोहम्मद बशीर (आईयूएमएल) के नाम शामिल हैं।
क्या है सुप्रीम कोर्ट से मांग
इस अर्जी के मुताबिक मुख्य चुनाव आयुक्त द्वारा संविधान के अनुच्छेद 324 के तहत इस्तेमाल की गई शक्तियों की वैधता की जांच की जाए। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर तुरंत रोक लगाई जाए और नाम काटने के मामलों का स्वतंत्र समिति से ऑडिट कराया जाए। बिना पूर्व नोटिस या सुनवाई के किसी का नाम न हटाया जाए, फॉर्म 6 के अवैध बदलाव रद्द हों, और आयोग की ‘ECINET’ व ‘ERONET’ प्रणालियों की समीक्षा की जाए।
क्यों Rahul Gandhi की याचिका पर सुनवाई करने को तैयार नहीं SC
वहीं इस पर राहुल गांधी को बड़ा झटका लगा क्योंकि सुप्रीम कोर्ट की तरफ से याचिका में कई तकनीकी त्रुटियां पाई गई। इनमें प्रतिवादियों के नाम में गड़बड़ी और 9 नेताओं के वकालतनामे का न होना शामिल है। धुंधला पहचान पत्र और कम कोर्ट फीस जमा होना वजह बताया गया है। ऐसे में मंगलवार को इस मामले में सुनवाई नहीं होगी लेकिन आगे राहुल गांधी और इंडिया ब्लॉक आगे क्या करती है इस पर नजर रहने वाली है।







