CM Yogi Adityanath: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक बार फिर प्रदेश के विकास को नई रफ्तार देने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री बुलंदशहर और अमरोहा जनपदों में कुल 166 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। इन परियोजनाओं का उद्देश्य दोनों जिलों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना, सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल और शहरी-ग्रामीण विकास को नई दिशा देना है। बता दें कि यूपी विधानसभा चुनाव में महज कुछ ही महीने का समय बच गया है। जिसे देखते हुए CM Yogi Adityanath पूरी तरह से एक्टिव हो गए है। वहां लगातार जनपदों में प्रदेश की जनता को नई-नई सौगात दे रहे है।
CM Yogi Adityanath 166 विकास परियोजनाओं का करेंगे लोकार्पण और शिलान्यास
बता दें कि CM Yogi Adityanath ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर जानकारी देते हुए लिखा कि आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदीजी के यशस्वी मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश विकास, सुशासन और जनकल्याण की नित नवीन ऊंचाइयों को स्पर्श कर रहा है। इसी विकास यात्रा को नई गति देते हुए आज जनपद बुलन्दशहर, अमरोहा और सम्भल के विभिन्न विधान सभा क्षेत्रों में ₹1,350 करोड़ से अधिक लागत की 166 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास होगा।
आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के यशस्वी मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश विकास, सुशासन और जनकल्याण की नित नवीन ऊंचाइयों को स्पर्श कर रहा है।
इसी विकास यात्रा को नई गति देते हुए आज जनपद बुलन्दशहर, अमरोहा और सम्भल के विभिन्न विधान सभा क्षेत्रों में ₹1,350 करोड़ से अधिक…
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) July 18, 2026
साथ ही, विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को लैपटॉप, आयुष्मान कार्ड, टूल किट, छात्रवृत्ति, सब्सिडी, चेक, चाबियां एवं प्रमाण-पत्र वितरित किए जाएंगे। ‘विकसित उत्तर प्रदेश’ के संकल्प को सशक्त करती ये विकास परियोजनाएं समृद्धि, स्वाभिमान और आत्मविश्वास से परिपूर्ण स्वर्णिम भविष्य का आधार बनेंगी।
शिक्षकों को लेकर क्या बोले CM Yogi Adityanath
“हम अधिकारों की बात करते हैं, नारे लगाते हैं। ‘मेरी मांगें पूरी हों, चाहे जो मजबूरी हो।’ लेकिन किसकी कीमत पर? देश की कीमत पर? समाज की कीमत पर? संस्थानों की कीमत पर? नहीं।
Bulandshahr, Uttar Pradesh: Chief Minister Yogi Adityanath says, “We talk about rights, we raise slogans, ‘Meri maange puri ho, chahe jo majburi ho.’ But at whose cost? At the cost of the country? At the cost of society? At the cost of institutions? No. Citizens’ duties: A… pic.twitter.com/7ZLgsRmFwh
— IANS (@ians_india) July 18, 2026
नागरिकों के कर्तव्य: नागरिक का कर्तव्य तब होता है जब कोई छात्र अनुशासन में रहकर अपनी शिक्षा पूरी करता है। जब कोई शिक्षक अनुशासित और सभ्य तरीके से अपने छात्र का पाठ्यक्रम समय पर पूरा करता है। तो उन्हें यह मानना चाहिए कि वे देश के प्रति अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं। एक शिक्षक के लिए यही सच्ची देशभक्ति है। सिर्फ़ नारे लगाना नहीं।”







