CM Yogi Adityanath: ‘किसानों को सशक्त बनाकर..’ इंडिया-ईयू एफटीए पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने जाहिर की खुशी; जानें पूरी डिटेल

CM Yogi Adityanath: भारत-यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने खुशी जाहिर की है।

CM Yogi Adityanath: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हैदराबाद हाउस में आज यानि 27 जनवरी को भारत-यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) का ऐलान किया। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह एफटीए केवल एक व्यापारिक समझौता नहीं है, बल्कि साझा समृद्धि का नया ब्लूप्रिंट है। गौरतलब है कि यह ऐतिहासिक डील भारत और यूरोप के साथ एक गेमचेंजर साबित हो सकता है। माना जा रहा है कि यह डील भारत और यूरोपीय संघ के बीच निवेश को बढ़ावा देगा, नए नवाचार साझेदारियों को प्रोत्साहित करेगा और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करेगा। इसी को लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री सीएम योगी आदित्यनाथ ने ट्वीट कर अपनी खुशी जाहिर की है।

CM Yogi Adityanath ने भारत-यूरोपीय संघ के बीच फ्री ट्रेड डील पर जताई  खुशी

सीएम योगी आदित्यनाथ ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व में, भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता भारत की वैश्विक आर्थिक यात्रा में एक ऐतिहासिक छलांग है। यह रणनीतिक समझौता भारत को 27 यूरोपीय देशों के साथ एकीकृत करता है और 99 प्रतिशत से अधिक भारतीय वस्तुओं के लिए तरजीही बाजार पहुंच सुनिश्चित करता है, जिससे विशेष रूप से श्रम प्रधान क्षेत्रों के लिए लगभग 6.41 लाख करोड़ रुपये की निर्यात क्षमता खुलती है।

किसानों को सशक्त बनाकर, लघु एवं मध्यम उद्यमों को मजबूत करके, विनिर्माण और सेवाओं को बढ़ावा देकर और कुशल पेशेवरों के लिए अवसरों का विस्तार करके, यह समझौता साझा समृद्धि और एक मजबूत, आत्मनिर्भर भारत के लिए एक खाका बन जाता है।

इन चीजों पर मिलेगी छूट 

भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता वस्त्र, परिधान, चमड़ा, जूते, समुद्री उत्पाद, रत्न और आभूषण, हस्तशिल्प, इंजीनियरिंग सामान और ऑटोमोबाइल जैसे श्रम-प्रधान क्षेत्रों को निर्णायक बढ़ावा देता है, जिससे लगभग 33 अरब अमेरिकी डॉलर के निर्यात पर लगने वाला शुल्क 10% तक घटकर समझौते के लागू होते ही शून्य हो जाता है। प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने के साथ-साथ, यह श्रमिकों, कारीगरों, महिलाओं, युवाओं और लघु एवं मध्यम उद्यमों को सशक्त बनाता है, भारतीय व्यवसायों को वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं में अधिक गहराई से एकीकृत करता है और वैश्विक व्यापार में एक प्रमुख खिलाड़ी और आपूर्तिकर्ता के रूप में भारत की भूमिका को मजबूत करता है।

 

 

 

 

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