CM Yogi Adityanath: उत्तर प्रदेश की डबल इंजन की सरकार समाज के पिछड़े और वंचित वर्गों के घर के सपने को पूरा कर रही है। इसी कड़ी में यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने नवरात्रि से पूर्व 90000 लाभार्थियों को बड़ी सौगात दी। बीते दिन यूपी की राजधानी लखनऊ में प्रधानमंत्री आवास योजना- शहरी 2.0 के तहत बीजेपी यानी भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने लाभार्थियों के बैंक खातों में प्रथम किस्त की अनुदान राशि को ट्रांसफर किया।
CM Yogi Adityanath ने 90000 लाभार्थियों को दी प्रथम किस्त की अनुदान राशि
बीजेपी के वरिष्ठ लीडर और यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने बताया, ‘अपने घर का सपना’ प्रत्येक मनुष्य के जीवन की शीर्ष प्राथमिकता होती है और उस प्राथमिकता को पूरा करने का कार्य देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने हाथों में लिया है। आज लखनऊ में प्रधानमंत्री आवास योजना- शहरी 2.0 के अंतर्गत 90,000 लाभार्थियों के बैंक खातों में प्रथम किस्त की अनुदान राशि का अंतरण किया। हम आश्वस्त करते हैं कि डबल इंजन की सरकार आपकी अपेक्षा के अनुरूप आपको परिणाम भी देगी, योजनाओं का लाभ भी देगी। पावन नवरात्रि के पूर्व प्राप्त इस उपहार हेतु सभी लाभार्थियों को हार्दिक बधाई।’
‘अपने घर का सपना’ प्रत्येक मनुष्य के जीवन की शीर्ष प्राथमिकता होती है और उस प्राथमिकता को पूरा करने का कार्य देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी ने अपने हाथों में लिया है।
आज लखनऊ में प्रधानमंत्री आवास योजना- शहरी 2.0 के अंतर्गत 90,000 लाभार्थियों के बैंक खातों में… pic.twitter.com/AGDsmkQVFv
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) March 16, 2026
सीएम योगी आदित्यनाथ बोले- ’25 करोड़ की आबादी का राज्य ही हमारा परिवार’
लखनऊ में प्रधानमंत्री आवास योजना- शहरी 2.0 कार्यक्रम के दौरान यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा, ‘उत्तर प्रदेश में अब तक हम लगभग 62 लाख परिवारों को एक-एक आवास उपलब्ध करवाने की योजना से लाभान्वित कर चुके हैं। आज 90000 लाभार्थियों को एक-एक आवास की पहली किस्त 1 लाख रुपये उपलब्ध करवाई जा रही है। समाज के अंतिम पायदान पर बैठे हुए व्यक्ति को बिना भेदभाव के योजना का लाभ मिले, कोई भी कल्याणकारी सरकार जब उस भाव के साथ कार्य करती है, तब परिणाम सामने आते हैं।’
उन्होंने आगे कहा, ’25 करोड़ की आबादी का राज्य ही हमारा परिवार है। आपने आवास की योजना में देखा होगा, ज्यादातर लाभार्थी महिलाएं हैं। जो पहले वंचित था, आज वह मालिक हो गया है। पहले की सरकारें बजट के लिए रोती थीं, गरीब, वंचित और दलित के बारे में नहीं सोचते थे, केवल नारे लगाते थे। माफिया से मुक्त कराई भूमि पर, गरीब का मकान बन रहा है।’
