CM Yogi Adityanath: महाप्रभु श्री जगन्नाथ जी की पावन रथ यात्रा के शुभारंभ के अवसर पर उत्तर प्रदेश के CM Yogi Adityanath ने देशवासियों और श्रद्धालुओं को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री ने इस अवसर को सनातन संस्कृति की आस्था, श्रद्धा और आध्यात्मिक परंपरा का प्रतीक बताते हुए सभी के सुख, समृद्धि और कल्याण की कामना की। बता दें कि हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु इस रथ यात्रा में हिस्सा लेते है।
भगवान श्री जगन्नाथ की रथ यात्रा भारत के सबसे प्रमुख धार्मिक आयोजनों में से एक मानी जाती है। यह पर्व भगवान जगन्नाथ, उनके बड़े भाई बलभद्र और बहन देवी सुभद्रा की दिव्य यात्रा का प्रतीक है। इस दौरान तीनों देव विग्रहों को भव्य रथों पर विराजमान कर मंदिर से गुंडिचा मंदिर तक ले जाया जाता है।
जगन्नाथ जी की रथ यात्रा के शुभारंभ पर CM Yogi Adityanath ने दी बधाई
बता दें कि CM Yogi Adityanath ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर जानकारी देते हुए लिखा कि “सनातन संस्कृति की अगाध आस्था, सामाजिक समरसता व लोकमंगल की पावन प्रतीक, महाप्रभु श्री जगन्नाथ जी की ‘रथ यात्रा’ के शुभारंभ की सभी श्रद्धालुओं को हृदय से बधाई एवं शुभकामनाएं।
सनातन संस्कृति की अगाध आस्था, सामाजिक समरसता व लोकमंगल की पावन प्रतीक, महाप्रभु श्री जगन्नाथ जी की ‘रथ यात्रा’ के शुभारंभ की सभी श्रद्धालुओं को हृदय से बधाई एवं शुभकामनाएं।
महाप्रभु श्री जगन्नाथ जी, श्री बलभद्र जी एवं माता सुभद्रा जी की कृपा-दृष्टि चराचर जगत पर बनी रहे, सभी के… pic.twitter.com/PtsVoUNIes
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) July 16, 2026
महाप्रभु श्री जगन्नाथ जी, श्री बलभद्र जी एवं माता सुभद्रा जी की कृपा-दृष्टि चराचर जगत पर बनी रहे, सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और आरोग्यता का वास हो, यही प्रार्थना है। जय जगन्नाथ”।
देशभर में उत्साह का माहौल
ओडिशा के पुरी धाम के अलावा उत्तर प्रदेश, गुजरात, पश्चिम बंगाल, झारखंड, मध्य प्रदेश, दिल्ली सहित देश के कई राज्यों में भी भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा श्रद्धा और उत्साह के साथ निकाली जाती है। मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। कई स्थानों पर श्रद्धालु भगवान के रथ को खींचकर अपनी आस्था प्रकट करते हैं।
मान्यता है कि इस रथ यात्रा में शामिल होने और भगवान के रथ के दर्शन करने मात्र से श्रद्धालुओं को विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। यही कारण है कि हर वर्ष लाखों श्रद्धालु इस दिव्य और भव्य यात्रा में शामिल होते हैं।
