CM Yogi Adityanath: आज से कुछ साल पिछले उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति बेहद चिंताजनक थी। वहीं राज्य में CM Yogi Adityanath की सरकार आने के बाद से ही स्वास्थ्य सेवाओं में जबरदस्त सुधार देखने को मिल रहा है। मरीजों का इलाज तेजी से किया जा रहा है। सरकारी अस्पतालों को भी दुरूस्त कर दिया गया है।
इसी बीच प्रयागराज में स्थित एसआरएन अस्पताल को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस किया गया है, ताकि आमजन को बेहतर इलाज और उन्नत स्वास्थ्य सेवाएं मिल सके। गौरतलब है कि सीएम योगी के नेतृत्व में इंफ्रास्ट्रक्चर, मेडिकल शिक्षा, डिजिटल हेल्थ और ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष फोकस किया जा रहा है।
उत्तर प्रदेश में मिल रही है आधुनिक स्वास्थ्य सेवांए
बता दें कि CM Yogi Adityanath के सलाहकार अवनीश के अवस्थी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर जानकारी देते हुए लिखा कि “माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी, के नेतृत्व में एसआरएन अस्पताल को गहन चिकित्सा इकाई और संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान जैसी उन्नत सुविधाओं, ट्रॉमा सेंटर और सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं से सशक्त बनाया जा रहा है।
माननीय मुख्यमंत्री श्री @myogiadityanath जी, के नेतृत्व में एसआरएन अस्पताल को गहन चिकित्सा इकाई और संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान जैसी उन्नत सुविधाओं, ट्रॉमा सेंटर और सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं से सशक्त बनाया जा रहा है।
बेहतर इलाज, अत्याधुनिक तकनीक और मरीजों को अपने ही… pic.twitter.com/GmZT3Bts5v— Awanish K Awasthi (@AwasthiAwanishK) May 26, 2026
बेहतर इलाज, अत्याधुनिक तकनीक और मरीजों को अपने ही क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने का यह विजन लाखों लोगों के जीवन में भरोसा और सुरक्षा लेकर आएगा। स्वस्थ उत्तर प्रदेश, सशक्त उत्तर प्रदेश , यही है जनसेवा और विकास के प्रति सरकार की मजबूत प्रतिबद्धता”।
ग्रामीण क्षेत्रों को मिल रहा सबसे बड़ा लाभ
गौरतलब है कि “ग्रामीण और दूरदराज इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए एम्बुलेंस नेटवर्क, स्वास्थ्य शिविर और प्राथमिक चिकित्सा सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है। इससे लाखों परिवारों को समय पर इलाज मिलना आसान हुआ है।
स्वास्थ्य सेवाओं में डिजिटल तकनीक को बढ़ावा देने के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन, रिपोर्ट सिस्टम और कई सेवाओं को तकनीक से जोड़ा जा रहा है। इससे मरीजों का समय बच रहा है और अस्पतालों की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बढ़ रही है”।






