CM Yogi Adityanath: यूपी की तस्वीर सीएम योगी के नेतृत्व में बदली है। निवेश से लेकर रोजगार, शिक्षा, परिवहन, स्वास्थ्य सेवाएं समेत अन्य कई पहलुओं पर यूपी सरकार ने कुशल नीतियों की बदौलत सुधार किया है। सीएम योगी आदित्यनाथ की सख्ती का असर है कि आला अधिकारी पूरी जिम्मेदारी के साथ जनहित से जुड़ी नीतियों पर काम कर रहे हैं।
निवेश को रफ्तार मिलना भी उन्हीं प्रयासों का हिस्सा है। सरकार द्वारा जारी आंकड़ों की मानें तो वर्ष 2025 में विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत 4000 करोड़ रुपए की प्रोत्साहन धनराशि प्रदान की गई है। इस पहल ने निवेशकों का विश्वास और मजबूत किया है। आलम ये है कि निवेश को गति मिल रही है जिसका सकारात्मक असर रोजगार पर पड़ा है।
यूपी की अनुकूल माहौल में निवेश को मिली तगड़ी गति!
कानून व्यवस्था से लेकर हर पहलुओं को दुरुस्त कर योगी सरकार ने उद्योग के लिए अनुकूल माहौल तैयार किया है। इसका असर ये है कि निवेश तेजी से आकर्षित हो रहा है। इलेक्ट्रॉनिक्स से लेकर रक्षा उत्पादन, टेक्सटाइल और खाद्य प्रसंस्करण जैसे प्रमुख क्षेत्रों में निवेश को नई गति मिली है। ये जानकारी सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार की ओर से साझा की गई है।
मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में इलेक्ट्रॉनिक्स, रक्षा उत्पादन, टेक्सटाइल और खाद्य प्रसंस्करण जैसे प्रमुख क्षेत्रों में निवेश को नई गति मिली है।
वर्ष 2025 में विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत ₹4,000 करोड़ की प्रोत्साहन धनराशि प्रदान की गई, जिससे… pic.twitter.com/lSbGLa4HFZ
— Government of UP (@UPGovt) February 10, 2026
आंकड़ों की मानें तो वर्ष 2025 में विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत 4000 करोड़ रुपए की प्रोत्साहन धनराशि प्रदान कर सरकार ने रिकॉर्ड स्थापित किया है। इससे निवेशकों का विश्वास और मजबूत हुआ है। यूपी के औद्योगिक गलियारों व एक्सप्रेस-वे आधारित अवसंरचना ने निवेशकों को आकर्षित किया है। इसके परिणामस्वरूप सूबे की बदली तस्वीर नजर आ रही है।
युवाओं के लिए खुल रहे संभावनाओं के द्वार!
सूबे में निवेश को जितनी गति मिलेगी, अर्थव्यवस्था पर उसका उतना ही सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेगा। इसके साथ ही युवाओं के लिए संभावनाओं के द्वार खुलेंगे। सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार की कोशिश यही है कि प्रदेश को निवेश के मामले में अग्रणी राज्यों की सूची में किया जाए। इसी कड़ी में लगातार निवेशकों को आकर्षित किया जा रहा है।
गोरखपुर से लखनऊ, गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर तक तमाम ऐसे काम चल रहे हैं जो निवेश का पुख्ता प्रमाण हैं। यहां लोगों को रोजगार मिल रहा है। इतना ही नहीं, इच्छुक लोग स्वरोजगार के अवसर ढूंढ़कर सरकार के प्रयासों का लाभ उठा रहे हैं। संयुक्त रूप से निवेश को रफ्तार मिलना युवाओं के साथ सभी वर्ग के लिए हितकारी साबित हो रहा है।






