CM Yogi Adityanath: यूपी की उपलब्धि में आज एक और नया अध्याय जुड़ गया है। प्रदेश के एटा जिले में स्थित पटना पक्षी विहार को ‘रामसर साइट’ घोषित किया गया है। पटना पक्षी विहार यूपी का 11वां वेटलैंड है जिसे अब राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल गई है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने इस खास अवसर पर प्रसन्न भाव में प्रदेशवासियों के नाम संदेश जारी किया है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने इस बदलाव को पर्यावरण संरक्षण के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को वैश्विक मान्यता मिलने का जिक्र किया है। मुख्यमंत्री ने इससे इतर भी कई प्रमुख बातों पर जोर दिया है जिसके बारे में हम आपको बताएंगे।
पटना पक्षी विहार को ‘रामसर साइट’ घोषित होने पर CM Yogi Adityanath की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यूपी के एटा जिले में स्थित पटना पक्षी विहार को ‘रामसर साइट’ घोषित किए जाने पर प्रतिक्रिया दी है।
Under the visionary leadership of Hon. PM Shri @narendramodi ji, India’s commitment to environmental conservation continues to earn global recognition.
The inclusion of Patna Bird Sanctuary, Etah (Uttar Pradesh) and Chhari-Dhand, Kutch (Gujarat) as Ramsar Sites reflects a…
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) January 31, 2026
सीएम योगी आदित्यनाथ के एक्स हैंडल से पोस्ट जारी कर लिखा गया है कि”पीएम मोदी के नेतृत्व में, पर्यावरण संरक्षण के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को वैश्विक मान्यता मिल रही है। पटना पक्षी अभयारण्य और छारी-ढांड, कच्छ गुजरात को रामसर स्थलों में शामिल करना नीति, संरक्षण और संवर्धन की उस यात्रा को दर्शाता है। यह अंतरराष्ट्रीय सम्मान सतत प्रबंधन, पारिस्थितिक संतुलन और जैव विविधता संरक्षण के प्रति भारत के संकल्प को रेखांकित करता है। उत्तर प्रदेश के एटा के लोगों और आर्द्रभूमि संरक्षण के लिए समर्पित सभी हितधारकों को हार्दिक बधाई।”
पक्षी अभयारण्य का ‘रामसर साइट’ घोषित होना कितना अहम?
वैश्विक मंच पर किसी पक्षी अभयारण्य को पहचान देने के लिए उसे रामसर साइट के रूप में घोषित किया जाता है। इसका आशय एक ऐसी आर्द्रभूमि या नम भूमि से है, जिसे रामसर कन्वेंशन (1971) के तहत अंतर्राष्ट्रीय महत्व का दर्जा प्राप्त हो। यूपी के एटा जिले में स्थित पटना पक्षी विहार को ‘रामसर साइट’ घोषित करना इसे वैश्विक मान्यता देने के समान है। इससे प्रदेश और देश की साख अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ेगी। साथ ही ये दर्शाता है कि कैसे भारत में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में कदम बढ़ाते हुए विकास को रफ्तार दी जा रही है। 178 पक्षी प्रजातियां और 252 वनस्पतियों की प्रजातियों के साथ पटना पक्षी विहार को अब दुनिया जानेगी।





