CM Yogi Adityanath: उत्तर प्रदेश सरकार ‘विकसित कृषि-विकसित भारत’ के लक्ष्य की ओर बुलेट की रफ्तार से आगे बढ़ रही है। सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यूपी में कृषि और किसानों की स्थिति को सुधारने का कार्य जारी है। बीजेपी यानी भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने बीते दिन 6वें उत्तर प्रदेश कृषि विज्ञान कांग्रेस-2026 का शुभारंभ किया। खाद्यान्न उत्पादन के मामले में यूपी अच्छी गति से प्रगति कर रहा है। ऐसे में अब यूपी सरकार ने एक बड़ी खुशखबरी साझा की है।
सीएम योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में राष्ट्रीय खाद्यान्न उत्पादन में बढ़ी यूपी की हिस्सेदारी
यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में राज्य ने राष्ट्रीय खाद्यान्न उत्पादन में 21 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल कर ली है। ऐसे में खाद्यान्न उत्पादन में यूपी भारत का सबसे आगे चलने वाला राज्य बना हुआ है। यूपी गेहूं, गन्ना, आलू, मटर और दुग्ध उत्पादन में नंबर-1 राज्य है। डबल इंजन सरकार के ये प्रयास कृषि सुधारों और आधुनिक तकनीक के समावेश से बढ़ती उत्पादकता का प्रमाण है। बता दें कि राज्य के पास देश की कुल कृषि योग्य भूमि का लगभग 11 फीसदी हिस्सा है, लेकिन खाद्यान्न उत्पादन में 21 प्रतिशत हिस्सेदारी रखता है।
राष्ट्रीय खाद्यान्न उत्पादन में 21 प्रतिशत हिस्सेदारी, कृषि सुधारों और आधुनिक तकनीक के समावेश से बढ़ती उत्पादकता का प्रमाण है। pic.twitter.com/6Mock8iCBi
— Government of UP (@UPGovt) April 8, 2026
वहीं, उत्तर प्रदेश कृषि विज्ञान कांग्रेस-2026 का आयोजन कृषि वैज्ञानिकों, विशेषज्ञों और नवाचार से जुड़े मनीषियों का यह महासंगम खेती को नई सोच, नई तकनीक और नई दिशा देने का सशक्त मंच बनेगा। यह आयोजन प्रदेश की कृषि शक्ति को आधुनिकता से जोड़ते हुए किसान समृद्धि और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को नई गति प्रदान करेगा।
सीएम योगी आदित्यनाथ बोले- कृषि विकास की दर 8 से 18 फीसदी हुई
गत दिन यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा, ‘हमने कृषि विकास की दर को उत्तर प्रदेश के अंदर 8 फीसदी से बढ़ाकर 18 फीसदी तक पहुंचाने में सफलता प्राप्त की है। आक्रांताओं ने भारत की खेती पर ही हमला नहीं किया, यहां की उद्यमिता पर भी हमला किया। सरकार ने कृषि और खेती को भी एक एजेंडे का हिस्सा बनाया है और अन्नदाता किसान उसके साथ जुड़ा है। लगभग 2 लाख 90 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि हम गन्ना किसानों के खाते में डीबीटी के माध्यम से भेज चुके हैं। हम लागत का डेढ़ गुना से अधिक दाम एमएसपी के रूप में किसानों को उपलब्ध करवा रहे हैं।’ डबल इंजन की सरकार के इन प्रयासों से किसानों की आय में इजाफा देखने को मिल रहा है।






