Ganga Expressway: देश के सबसे चर्चित एक्सप्रेसवे में से एक Ganga Expressway का संचालन शुरू हो चुका है। हालांकि इसके 15 दिन बाद से टोल टैक्स लगना शुरू हो चुका है, जिसने यात्रियों की टेंशन बढ़ा दी है। सबसे खास बात है कि इस एक्सप्रेसवे पर बाईक और टैक्टर से आने जाने वाले लोगों को भी टोल टैक्स देना होगा।
बता दें कि एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे परियोजना माना जा रहा है। यह एक्सप्रेसवे पश्चिमी यूपी को पूर्वी यूपी से जोड़ने का काम करेगा। इस परियोजना के पूरा होने के बाद मेरठ से प्रयागराज तक का सफर काफी आसान और तेज हो जाएगा। एक्सप्रेसवे पर हाईस्पीड यात्रा, आधुनिक सुविधाएं और बेहतर कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है।
Ganga Expressway पर कितना लगेगा टोल टैक्स?
दरअसल Ganga Expressway पर 15 दिनों की मुफ्त यात्रा खत्म हो चुकी है। अब बाईक, ट्रैक्टर, कार व अन्य वाहनों पर भारी भरकम टोल टैक्स लगने वाला है। जानकारी के मुताबिक जीप और हल्के वाहनों के लिए 2 रुपए 55 पैसे प्रति किलोमीटर टोल तय किया गया है.. मेरठ से प्रयागराज तक 594 किलोमीटर की दूरी है।
इसके लिए कार, जीप और वैन जैसे छोटे वाहनों को 1795 रुपए तक चुकाने पड़ सकते हैं। हालांकि, बस और ट्रकों के लिए टोल टैक्स ज्यादा है इन बड़े वाहनों को 8 रुपए 20 पैसे प्रति किलोमीटर टोल देना होगा। दो, तीन पहिया वााहन व पंजीकृत ट्रैक्टर वाले यात्रियों को 905 रूपये देने होंगे। वहीं कार, जीप, वैन व हल्के वाहन को लगभग 1800 रूपये टोल टैक्स चुकाना होगा। ओवरसाइज वाहन को करीब 11 हजार से अधिक रूपये देने होंगे।
यात्रियों को मिलेंगी ये आधुनिक सुविधाएं
गंगा एक्सप्रेसवे पर यात्रियों की सुविधा के लिए कई आधुनिक व्यवस्थाएं विकसित की जा रही हैं। इनमें शामिल हैं —
- इमरजेंसी मेडिकल सुविधा।
- फूड प्लाजा और रेस्ट एरिया।
- पेट्रोल पंप।
- CCTV निगरानी।
- हाईस्पीड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम।
- इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन।
बता दें कि Ganga Expressway के शुरू होते ही मेरठ से प्रयागराज की दूरी 5-7 घंटे की रह गई है।






