Ghaziabad News: विश्व स्वास्थ्य संघ द्वारा 1 से 7 अगस्त तक विश्व स्तनपान सप्ताह मनाया जाता है जिसका मुख्य उद्देश्य माताओं को स्तनपान से होने वाले लाभ के विषय में जागरूक करना और इसके लिए तैयार करना है।
अस्पताल के स्टाफ और संभावित माताओं को स्तनपान से जुड़ी प्रमाणिक जानकारी उपलब्ध कराई जाती है
इंडियन एकेडमी ऑफ़ पीडियाट्रिक्स की ट्रांस हिंडन गाजियाबाद ब्रांच द्वारा इस अवसर पर इस क्षेत्र के अलग-अलग अस्पतालों में वर्कशॉप का आयोजन किया जा रहा है जिसमें अस्पताल के स्टाफ और संभावित माताओं को स्तनपान से जुड़ी प्रमाणिक जानकारी उपलब्ध कराई जाती है।
आज यह कार्यक्रम सेक्टर 4 वैशाली स्थित पारस अस्पताल में आयोजित किया गया जिसमें लगभग 30 लोगों ने भाग लिया कार्यक्रम में डॉ. सचिन भार्गव, डॉ. अजय विनोद, डॉ. वेजना डोभाल , डॉ. क्रृति इत्यादि ने भाग लिया।
स्तनपान की 5 आम समस्याएँ चुनौतियों और उनका सामना करने के तरीकों के बारे में जानें
यह एक भ्रम है कि स्तनपान कराना आसान होता है। इसके लिए माँ और बच्चे दोनों को समय और अभ्यास की आवश्यकता होती है। कई माताओं को इस प्रक्रिया में चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, लेकिन सही सहायता से इन समस्याओं को दूर किया जा सकता है।
यदि आप किसी समस्या का सामना कर रही हैं, तो सहायता के लिए अपनी दाई (midwife), विशेषज्ञ या स्वास्थ्य देखभाल प्रदाता से संपर्क करें।
यहाँ कुछ सबसे आम समस्याएँ और उनसे राहत पाने के लिए सुझाव दिए गए हैं।
1. यह कैसे सुनिश्चित करें कि बच्चा सही ढंग से स्तनपान कर रहा है?
स्तनपान को आरामदायक अनुभव बनाने के लिए सही जुड़ाव (latch) स्थापित करना सबसे महत्वपूर्ण है। यह सुनिश्चित करने के लिए:
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* बच्चे की नाक को सामने की ओर रखें।
* सिर को थोड़ा पीछे की ओर झुकने दें ताकि होंठ स्पर्श कर सकें। इससे मुँह खुलना चाहिए।
* जब मुँह पूरी तरह खुल जाए, तो उसे पास लाएँ, जिसमें सिर पीछे और ठुड्डी आगे की ओर हो। इस तरह, बच्चा सही पकड़ बना सकेगा।
* सही स्थिति होने पर माँ को दर्द नहीं होगा और बच्चे को पूरा पोषण मिल सकेगा।
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सही जुड़ाव के लक्षण:
* बिना किसी दर्द के अनुभव होना
* बच्चे का मुँह पूरी तरह से खुला होना
* निचला होंठ बाहर की ओर मुड़ा होना
* ठुड्डी माँ के शरीर को स्पर्श कर रही हो
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2. दूध की कम आपूर्ति होने पर क्या करें?
यदि आपको लगता है कि पर्याप्त आपूर्ति नहीं हो रही है, तो स्वास्थ्य देखभाल प्रदाता से संपर्क करें।
कम आपूर्ति के कुछ आम कारण:
* शुरुआत में देरी होना
* त्वचा से त्वचा का संपर्क कम होना
* स्वास्थ्य संबंधी जटिलताएँ
* सही ढंग से जुड़ाव न होना
* निश्चित समय पर या बहुत कम समय के लिए पोषण देना
* रात के समय अंतराल होना
* चिंता, तनाव या आत्मविश्वास की कमी
* थकान
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स्वस्थ मात्रा बनाए रखने के सुझाव:
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* प्रसव के तुरंत बाद त्वचा से त्वचा का संपर्क बनाएँ।
* कुशल सहायता लें ताकि सही जुड़ाव सुनिश्चित हो सके।
* बच्चे के साथ एक ही कमरे में रहने का अभ्यास करें।
* जब तक चिकित्सकीय रूप से आवश्यक न हो, केवल स्तनपान ही कराएं।
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3. भारीपन और सूजन (Engorgement) के उपचार
स्तनों का अत्यधिक भारी होना दर्दनाक हो सकता है
| भरे हुए महसूस होना | अत्यधिक सूजन (Engorgement) |
| गर्म, भारी और कड़े महसूस होंगे। | दर्दनाक होंगे, असामान्य रूप से सूजे हुए और तंग दिखेंगे। |
| प्रवाह सामान्य रहेगा। | प्रवाह रुक सकता है। |
| बुखार नहीं होगा। | बुखार महसूस हो सकता है। |
बचने के तरीके
* बार-बार दूध निकालें (हाथ से या पंप की मदद से)।
* प्रसव के तुरंत बाद प्रक्रिया शुरू करें।
* सही जुड़ाव (proper attachment) सुनिश्चित करें।
* जब भी बच्चा चाहे, बिना किसी समय सीमा के स्तनपान कराएं।
यदि आप अत्यधिक भारीपन का अनुभव कर रही हैं, तो स्वास्थ्य देखभाल प्रदाता से संपर्क करें।
4. फटे हुए हिस्सों (Cracked Nipples) से बचाव
दर्द या दरारें होना आमतौर पर गलत जुड़ाव का संकेत है। यदि दरारें पड़ने लगें या खून आने लगे, तो तुरंत स्वास्थ्य देखभाल प्रदाता से संपर्क करें। थोड़ा सा निकाला हुआ दूध लगाने से भी हीलिंग में मदद मिल सकती है।
5. मैस्टाइटिस (Mastitis) और बंद नलिकाएं
कभी-कभी नलिकाएं बंद हो सकती हैं जिससे प्रवाह रुक जाता है और दर्द होता है। यदि यह साफ नहीं होता, तो सूजन या मैस्टाइटिस हो सकता है।
कारण और समाधान:
* अंतराल कम होना या दूध ठीक से न निकलना।
* ऊतकों (tissue) को नुकसान पहुँचना।
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राहत पाने के उपाय:
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* सही जुड़ाव सुनिश्चित करें।
* ढीले-ढाले कपड़े पहनें।
* बार-बार स्तनपान कराएं।
* हल्के हाथों से मालिश करें और प्रभावित हिस्से पर गर्म सिकाई करें।
* स्थितियाँ (positions) बदलते रहें।
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यह सफर साझा प्रयासों का हिस्सा है। किसी भी चिंता के लिए विशेषज्ञ से सलाह लें और अपनों का समर्थन प्राप्त करें।







