Ram Mandir Chanda Chori: अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे के कथित गबन से जुड़े मामले में उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद योगी आदित्यनाथ सरकार ने मामले की जांच के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) का पुनर्गठन कर दिया है। नई SIT में वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों को शामिल किया गया है, जिससे इस संवेदनशील मामले की निष्पक्ष और व्यापक जांच सुनिश्चित की जा सके। जिसके बाद यूपी सरकार की तरफ से एसआईटी का गठन किया गया है।
दी जानकारी के अनुसार राम जन्मभूमि मंदिर में नकद दान की कथित चोरी की जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) का पुनर्गठन किया है और तीन सदस्यों वाली इस नई टीम का प्रमुख इंस्पेक्टर जनरल (लखनऊ रेंज) किरण एस को नियुक्त किया है।
यूपी सरकार ने क्यों किया नई SIT का गठन?
सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा था कि मामले की जांच ऐसे वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की निगरानी में होनी चाहिए, जिनकी निष्पक्षता और जांच क्षमता पर कोई सवाल न उठे। कोर्ट के निर्देश के बाद यूपी सरकार ने पहले से गठित टीम को पुनर्गठित कर नई तीन सदस्यीय SIT बनाई है। इसका नेतृत्व आईजी रैंक के अधिकारी किरण एस करेंगे, जबकि अयोध्या के डीआईजी सोमेन वर्मा और एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर को सदस्य बनाया गया है।
मालूम हो कि Ram Mandir Chanda Chori मामले में विपक्ष लगातार सीएम योगी सरकार पर हमलावर नजर आ रहा था। लेकिन जैसे ही यह मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा और आदेश मिला, सरकार ने तुरंत नई एनआईटी का गठन कर दिया है।
इन पहलुओं पर जांच कर सकती है एसआईटी
मालूम हो कि पुरानी एसआईटी द्वारा दी जानकारी में कई अहम खुलासे हुए। वहीं अब माना जा रहा है कि नई एसआईटी मंदिर में प्राप्त चढ़ावे और दान का रिकॉर्ड। धन के संग्रहण और वितरण की प्रक्रिया। कथित वित्तीय अनियमितताओं के आरोप। संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका।
इलेक्ट्रॉनिक व वित्तीय दस्तावेजों की जांच।
यदि आवश्यक हुआ तो फोरेंसिक ऑडिट भी कराया जा सकता है। हालांकि अब देखना होगा कि नई एसआईटी कौन-कौन से नए खुलासे कर सकती है। वहीं माना जा रहा है कि यूपी सरकार द्वारा विपक्ष का मुंह बंद कर दिया गया है।क्योंकि विपक्ष लगातार गंभीर आरोप लगाता रहा है।







