CM Yogi Adityanath: राजधानी लखनऊ की चकाचौंध बढ़ाने की दिशा में कई प्रयास किए जा रहे हैं। नवाबों के शहर कहे जाने वाले लखनऊ में औद्योगिक काम-काज को ऊंचाई दी जा रही है। निवेश को बढ़ावा दिया जा रहा है ताकि राजधानी की चकाचौंध बढ़े। इन तमाम प्रयासों के बीच सीएम योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ को क्लीन व ग्रीन सिटी बनाने की दिशा में बड़ी पहल की है।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने आज 7, कालीदास मार्ग स्थित मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान नगर निगम को बड़ा तोहफा दिया है। इसके तहत सीएम योगी ने 250 इलेक्ट्रिक व सीएनजी वाहनों को हरी झंडी दिखाई है जो कूड़ा प्रबंधन में कारगर साबित होंगे। इससे लखनऊ में स्वच्छता बढ़ेगी और राजधानी क्लीन व ग्रीन सिटी बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेगा।
लखनऊ नगर निगम को CM Yogi Adityanath का तोहफा!
राजधानी लखनऊ में नगर निगम को सीएम योगी आदित्यनाथ ने आज बड़ा तोहफा दिया है।
स्वच्छता हमारे शहर और हमारे राज्य की समृद्धि का आधार है।
लखनऊ नगर निगम के बेहतर कूड़ा प्रबंधन एवं Clean City-Green City की सिद्धि हेतु आज लखनऊ में पर्यावरण अनुकूल हरित ऊर्जा से संचालित 250 इलेक्ट्रिक व CNG वाहनों को फ्लैग ऑफ किया।
नवनिर्माण के नौ वर्षों में हमारा लखनऊ स्वच्छता… pic.twitter.com/8RtMyvIxDA
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) April 1, 2026
दरअसल, मुख्यमंत्री ने आज लखनऊ को क्लीन व ग्रीन सिटी बनाने की दिशा में मजबूत पहल करते हुए 250 इलेक्ट्रिक व सीएनजी वाहनों को हरी झंडी दिखाई है। इस दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ ने अपनी सरकार की उपलब्धियों का जिक्र किया है। सरकारी दावे के मुताबिक सीएम योगी की पहल से कूड़ा प्रबंधन में नगर निगम को मदद मिलेगी।
यूपी सीएम ने इस दौरान कुकरैल व गोमती नदी के तट पर किए गए कार्यों का भी जिक्र किया है। उन्होंने बताया कि कैसे यूपी सरकार ने कुकरैल नदी के निकट से अवैध अतिक्रमण हटवाकर तस्वीर बदली है। साथ ही गोमती रिवर फ्रंट का भी जिक्र हुआ जो राजधानी की चकाचौंध में चार चांद लगाने का काम कर रहा है।
क्लीन व ग्रीन सिटी बनाने की दिशा में मजबूत पहल
योगी सरकार ने लखनऊ को क्लीन व ग्रीन सिटी बनाने की दिशा में मजबूत पहल की है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने जिन 250 इलेक्ट्रिक व सीएनजी वाहनों को हरी झंडी दिखाई है। उसकी मदद से कूड़ा प्रबंधन किया जा सकेगा। इससे लखनऊ की सड़कों पर गंदगी नहीं फैलेगी। साथ ही कूड़ा प्रबंधन प्रदूषण पर भी रोकथाम लगाएगा। इन तमाम पहलुओं को देखते हुए इसे लखनऊ को क्लीन व ग्रीन सिटी बनाने की दिशा में मजबूत कदम माना जा रहा है।
