Noida Violence: कथित रूप से उचित मजदूरी दर को लेकर नोएडा में शुरू हुए हिंसक विरोध प्रदर्शन के बाद पुलिस अलर्ट पर है। एहतियात के तौर पर अब तक 150 से ज्यादा लोगों पर निरोधात्मक कार्रवाई कर उन्हें गिरफ्तार किया है। वहीं 300 से अधिक प्रदर्शनाकारियों को भी गिरफ्तार किया जा चुका है।
यूपी पुलिस के साथ एसटीएफ मोर्चा संभाल रही है। हिंसा प्रभावित इलाकों में सड़कों पर तनाव साफ तौर पर झलक रहा है। पुलिस का सघन पहरा है और सभी पहलुओं पर नजर रखी जा रही है। फिलहाल शांति कायम है और हिंसा भड़काने वालों को चिन्हित कर कार्रवाई को गति दी जा रही है।
पुलिस की सख्ती के बीच नोएडा की सड़कों पर तनाव!
यातायात सेवाएं सामान्य रूप से चल रही हैं। चौक-चौराहौं पर रेहड़ी-पटरी वालों का व्यवसाय भी गतिमान है। ये गौतमबुद्ध नगर जिले की हालिया स्थिति है। दरअसल, बीते दिनों यहां मजदूरों ने अपनी मजदूरी बढ़ाने के लिए विरोध प्रदर्शन शुरू किया जिसमें देखते ही देखते भीषण हिंसा हुई। बड़े पैमाने पर आगजनी की गई जिसकी चपेट में कई वाहन आ गए।
इस हिंसक प्रदर्शन को लेकर नोएडा पुलिस अलर्ट पर है। सेक्टर 60, 62, 80, 121, 2 समेत तमाम इलाकों में सड़कों पर पुलिस का सघन पहरा है। सीसीटीवी फुटेज से भी निगरानी की जा रही है। पुलिस की सख्ती के बीच सड़कों पर तनाव साफ तौर पर नजर आ रहा है। ये सारे कदम एहतियात के तौर पर उठाए जा रहे हैं, ताकि स्थिति शांतिपूर्ण बनी रहे।
300 से अधिक उपद्रवियों को गिरफ्तार कर नकेल कस रहा प्रशासन!
नोएडा के विभिन्न इलाकों में सड़कों पर हुई हिंसा के बाद प्रशासन अलर्ट पर है। हिंसक विरोध प्रदर्शन की जांच कई एंगल से की जा रही है। इसमें बाहरी हस्तक्षेप का दावा भी सामने आया है। व्हाट्सएप पर क्यूआर कोड के जरिए प्रदर्शनकारियों को जोड़ा गया। पुलिस की जानकारी के मुताबिक विरोध प्रदर्शन से पहले प्रदर्शनकारियों को भड़काने की कोशिश हुई है।
इस मामले में अब तक 300 से अधिक उपद्रवियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। बड़ी संख्या में लोगों को पुलिस ने निरोधात्मक कार्रवाई के तहत भी पकड़ा है। प्रशासन लगातार सख्ती के साथ उपद्रवियों की पहचान कर उनके खिलाफ नकेल कस रहा है। यूपी सरकार का साफ कहना है कि हिंसक प्रदर्शन कर सूबे की कानून व्यवस्था को चुनौती देने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।






