Venezuela Earthquakes से क्यों बढ़ी भारत की टेंशन, क्या पेट्रोल-डीजल के दामों में होगा बड़ा उलटफेर, जानें सबकुछ

Venezuela Earthquakes: वेनेजुएला में आए भीषण भूकंप से चारों तरफ तबाही देखने को मिल रही है। वहीं इस आपदा से भारत की भी टेंशन बढ़ गई है।

Venezuela Earthquakes

फाइल फोटो

Venezuela Earthquakes: वेनेजुएला में आए भीषण भूकंप से चारों तरफ तबाही देखने को मिल रही है। माना जा रहा है कि इस प्रकृतिक आपदा से 10 हजार से 1 लाख तक मौतें हो सकती है। सोशल मीडिया पर कई ऐस भयावह वीडियो सामने आ रहे है, जिसमे ऊंची-ऊंची इमारत मलबा बन जा रही है।

जानकारी के मुताबिक वेनेजुएला में आए विनाशकारी भूकंप से मरने वालों की संख्या बढ़कर लगभग 235 हो गई है और कम से कम 4,300 लोग घायल हुए हैं। मालूम हो कि 7.2 और 7.5 तीव्रता के भूंकप ने भयंकर तबाही मचाई है। वेनेजुएला के साथ-साथ इसका असर भारत पर देखने को भी मिल सकता है। आईए समझते है इसके मायने।

Venezuela Earthquakes से भारत की बढ़ी टेंशन

भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए इंटरनेशनल बाजार पर काफी हद तक निर्भर है। वेनेजुएला में आए प्राकृतिक आपदा से किसी प्रकार की बाधा आती है, तो ब्रेंट क्रूड की कीमतों में तेजी आ सकती है। ऐसे में भारत की आयात लागत बढ़ेगी और तेल कंपनियों पर दबाव बढ़ सकता है। मालूम हो कि ईरान-अमेरिका युद्ध के कारण भारत में पेट्रोल और डीजल के दामों में बढ़ोतरी देखी गई थी।

जिसके बाद भारत ने वेनेजुएला का रूख किया था। हाल के महीनों में भारत ने वेनेज़ुएला से कच्चे तेल की खरीद में तेज़ी से बढ़ोतरी की है, क्योंकि मिडिल ईस्ट में अनिश्चितता के बीच रिफ़ाइनर दूसरे विकल्प तलाश रहे थे। यह कहना गलत नहीं होगा कि Venezuela Earthquakes से भारत की टेंशन बढ़ सकती है।

क्या महंगा हो सकता है पेट्रोल-डीजल?

भारत सरकार की तरफ से हाल ही में पेट्रोल और डीजल के दामों में बढ़ोतरी की थी। वहीं ईरान  और अमेरिका के बीच भी शांति समझौता हो चुका है। जिसके बाद माना जा रहा है कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में तत्काल बड़े बदलाव की संभावना नहीं है।

भारत में ईंधन की कीमतें केवल कच्चे तेल पर निर्भर नहीं करतीं, बल्कि रुपये की विनिमय दर, टैक्स, फ्रेट लागत और सरकारी नीतियां भी अहम भूमिका निभाती हैं। माना जा रहा कि आने वाले कुछ समय तक वेनेजुएला से होने वाले कच्चे तेल के आयात में कमी आ सकती है।

 

 

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