POK Protest: पाकिस्तान सरकार के खिलाफ पीओके में उमड़ा जनसैलाब, तो भारत ने मुल्ला मुनीर को दे दी कड़ी चेतावनी, जानें सबकुछ

POK Protest: पाक अधिकृत कश्मीर में मुल्ला मुनीर और शहबाज शरीफ सरकार के खिलाफ पूरा जनसैलाब उतर चुका है, जिसने सरकार की चिंता बढ़ा दी है।

POK Protest

फाइल फोटो

POK Protest: भारत के पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान में एक बाद फिर स्थिति चिंताजनक हो गई है। दरअसल पीओके यानि (पाक अधिकृत कश्मीर) में मुल्ला मुनीर और शहबाज शरीफ सरकार के खिलाफ पूरा जनसैलाब उतर चुका है। हालांकि यह नया नहीं है। पाकिस्तान ने कभी भी पीओके को अपना माना नहीं, यही कारण है कि समय-समय पर पाक अधिकृत कश्मीर में विरोध प्रदर्शन होता रहता है।

वहीं अब खबर सामने आ रही है कि शहबाज शरीफ सरकार प्रदर्शनकारियों पर दबाव डालकर उन्हें झुकाने के लिए उस इलाके में खाने-पीने की चीज़ों, ईंधन और दवाओं की सप्लाई रोक रहा है। जिसके बाद स्थिति और चिंताजनक बन गई है। वहीं अब पाक के रक्षा ख्वाजा आसिफ के बयान पर भारत ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।

पाकिस्तान सरकार के खिलाफ उमड़ा जनसैलाब – POK Protest

पीओके में पाकिस्तानी सरकार के खिलाफ लगातार विरोध प्रदर्शन जारी है। बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर है। आलम यह है कि अब शहबाज सरकार खाने-पीने की चीज़ों, ईंधन और दवाओं की सप्लाई रोक रही है, ताकि प्रदर्शनकारियों को झुकाया जा सके। इसके अलावा इस विरोध प्रदर्शन में कई प्रदर्शनकारियों की जान जा चुकी है।

जानकारी के मुताबिक पीओके के लोग बढ़ती महंगाई, बिजली की बढ़ती कीमतें, नेताओं की मनमानी के खिलाफ लगातार प्रदर्शन कर रहे है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में यह प्रदर्शन और उग्र हो सकता है। जिसके बाद अब यग सवाल उठना शुरू हो गया है कि क्या शहबाज शरीफ की कुर्सी जाने वाली है?

पाक मंत्री ख्वाजा आसिफ को भारत की दो टूक

बता दें कि हाल ही में पाक के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने गीदड़भभकी दी है और बोला कि अगर उसकी राष्ट्रीय सुरक्षा या जल सुरक्षा खतरे में है तो वो भारत के खिलाफ सैन्य कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगा।

सिंधु जल संधि के बारे में पाकिस्तान के रक्षा मंत्री  की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि “पाकिस्तानी रक्षा मंत्री की टिप्पणियों के बारे में हमने रिपोर्ट देखी हैं। ऐसी बातें पाकिस्तान की अपनी नाकामियों को छिपाने और मानवाधिकारों के उल्लंघन से ध्यान भटकाने की हताशा भरी कोशिशें हैं।

हम इन मनगढ़ंत दावों को पूरी तरह और पूरी सख्ती के साथ खारिज करते हैं। पाकिस्तान के अवैध और जबरन कब्जे वाले इलाकों में जो हो रहा है, वह पाकिस्तान की दशकों पुरानी नीति का नतीजा है, जिसमें व्यवस्थित आर्थिक शोषण, मौलिक अधिकारों से वंचित रखना और प्रशासनिक दमन शामिल है।

पाकिस्तानी सरकार ने बहुत ज़्यादा पुलिस बर्बरता के साथ प्रतिक्रिया दी है, जिसमें ज़रूरी सामान और दवाओं की सप्लाई रोकना, इंटरनेट बंद करना और निहत्थे नागरिकों के खिलाफ जानलेवा बल का इस्तेमाल करना शामिल है। जैसा कि आप जानते हैं, इसके कारण कई लोगों की जान चली गई है“।

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