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Magh Masik Shivratri 2023: इस दिन मनाई जाएगी साल की पहली मासिक शिवरात्रि, जानें शुभ मुहूर्त और महत्व

Magh Masik Shivratri 2023: हिंदू धर्म में हर दिन और सभी पूजा-पाठ का विशेष महत्व है। इसी तरह देवी पार्वती और देवों के देव महादेव के मिलन के दिन को भी बेहद खूबसूरत और भक्ति के साथ सभी मानते हैं। इसी में माघ मासिक शिवरात्रि का भी विशेष महत्व है। इस दिन भगवान शंकर और ...

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By: Sriya Sri

Published: जनवरी 16, 2023 1:42 अपराह्न

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Magh Masik Shivratri 2023: हिंदू धर्म में हर दिन और सभी पूजा-पाठ का विशेष महत्व है। इसी तरह देवी पार्वती और देवों के देव महादेव के मिलन के दिन को भी बेहद खूबसूरत और भक्ति के साथ सभी मानते हैं। इसी में माघ मासिक शिवरात्रि का भी विशेष महत्व है। इस दिन भगवान शंकर और माता गौरी की पूजा की जाती है। इतना ही नहीं इस दिन व्रत भी रखा जाता है। ये व्रत हर महीने कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को रखा जाता है। इस दिन मासिक शिवरात्रि की पूजा भी जाती है। तो आइए विस्तार से जानते हैं 2023 की पहली मासिक शिवरात्रि कब मनाई जाएगी।

जानें कब मनाई जाएगी साल की पहली मासिक शिवरात्रि

2023 की पहली मासिक शिवरात्रि की पूजा-अर्चना 20 जनवरी 2023 को की जाएगी। इस बार इस दिन की शुरुआत 20 जनवरी की सुबह 9 बजकर 59 मिनट पर होने वाली है। वहीं इस दिन का समापन 21 की सुबह 6 बजकर 17 मिनट पर होगा। इस दिन महादेव और देवी पार्वती की पूजा मध्य रात्रि में होगी। जिसका मुहूर्त 20 जनवरी के दोपहर 12 बजकर 11 मिनट से 21 जनवरी की सुबह 5 बजकर 04 मिनट पर है।

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जानें इस पूजा का क्या है महत्व

हिन्दू धर्म में मासिक शिवरात्रि का दिन बेहद खास है। इस दिन व्रत और उपवास रखा जाता है और ये भगवान शंकर और माता गौरी को समर्पित है। हर महीने एक खास दिन पर सभी भक्त जन अपने आराध्य महादेव और माता पार्वती की सच्ची भक्ति करते हैं। मान्यताओं के अनुसार कहा जाता है इस दिन भगवान की पूजा करने से भक्तों के जीवन में किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं आती है। ये दिन बेहद फलदायी है। इस दिन अविवाहित लोगों को मासिक शिवरात्रि का व्रत रखना चाहिए। कहा जाता है इस व्रत को रखने से भक्तों को मनचाहा जीवनसाथी मिलता है। ये व्रत बेहद लाभकारी है। इसलिए इस दिन का बहुत महत्व है।

जानें क्या है पूजा विधि

स्टेप 1: इस दिन स्नान ध्यान कर रात में पूजा करें। इस दिन भगवान शंकर और माता पार्वती की साथ वाली प्रतिमा की पूजा करें।

स्टेप 2: इसके बाद भगवान शंकर और देवी पार्वती का अभिषेक करें।

स्टेप 3: अब मां पार्वती को सुहाग वाली चीजें अर्पित करें।

स्टेप 4: अब महादेव और माता गौरी की प्रतिमा को लाल कलावे से 7 बार लपेटें। इसके बाद शिव चालीसा का पाठ करें और पूजा का समापन करें।

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Sriya Sri

मेरा नाम श्रीया श्री है। मैं पत्रकारिता अंतिम वर्ष की छात्रा हूं। मुझे लिखना बेहद पसंद है। फिलहाल मैं डीएनपी न्यूज नेटवर्क में कंटेंट राइटर हूं। मुझे स्वास्थ्य से जुड़ी कई चीजों के बारे में पता है और इसलिए मैं हेल्थ पर आर्टिकल्स लिखती हूं। इसके अलावा मैं धर्म, लाइफस्टाइल, एस्ट्रोलॉजी और एजुकेशन के विषय में भी आर्टिकल लिखती हूं।
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