---Advertisement---

Sawan 2023: सावन के पहले दिन करें मां गौरी की पूजा, इस तरह के दोषों से होंगे मुक्त , जानें पूजा और मूहुर्त का शुभ समय

Sawan 2023: सावन के दिन इस प्रकार से करें मां गौरी और शिवजी की पूजा। सबुह 4:07 बजे का है शुभ मूहुर्त। मिलेगा अच्छा फल।

Avatar of Akansha Tiwari

By: Akansha Tiwari

Published: जुलाई 4, 2023 6:46 पूर्वाह्न

Sawan 2023
Follow Us
---Advertisement---

Sawan 2023: 4 जुलाई यानि आज से पूरे भारत वर्ष में सावन का महीना शुरू हो चुका है। हिंदू धर्म में सावन के महीने को काफी शुभ माना जाता है। यह सावन का महीना देवों के देव महादेव शिव का होता है। इस बार सावन की शुरुआत मंगलवार के दिन से हुई है। इस बार के सावन के महीने में काफी सारे शुभ संयोग बन रहे है। 19 साल बाद इस बार सावन का महीना पूरे दो महीने तक है। इस साल सावन महीने में कुल 8 उपवास रखें जाएंगे। ऐसे में भक्तों को अपने शिवजी को खुश करने और उनकी आऱाधना करने के लिए अधिक समय मिल गया है। इस आर्टिकल में आपको इस पावन दिन पर बन रहे संयोग , पूजा करने की सही विधि और शुभ समय के बारे में बताया जाएगा।

यह भी पढ़ें:Raksha Bandhan 2023: कब मनाया जाएगा रक्षाबंधन का पर्व, राखी पर मंडराया भद्रकाल का साया, जानें  शुभ मुहुर्त

हर मंगलवार रखें माता गौरी का उपवास

सावन का महीने मंगलवार से शुरू होने की वजह से महिलाएं सावन के महीने में हर मंगलवार को अपने सुहाग के लिए व्रत भी रख सकती हैं। सुहागन महिलाओं के साथ कुवांरी लड़कियां भी यह व्रत रख सकती हैं। इस व्रत को रखने के लिए महिलाओं को सुबह जल्दी उठ कर स्नान आदि करके माता गौरी की पूजा-अर्चना करनी है। पूजा करने के शुभ समय सुबह 8:57 से लेकर दिन के 2:10 तक हैं। इसमें आपको माता गौरी की मूर्ति  के आगे आटे की दीपक जलाकर रखना है। पूजा करते समय फल और फूल भी चढ़ाने है, और अच्छी तरह से आरती करनी है। इस दिन का उपवास करने से जिसके भी जिंदगी में मंगल दोष ता है वह दूर हो जाता है।

सावन के दिन शिव जी पूजा इस तरह करें

 सुबह जल्दी उठकर स्नान , साफ कपड़े पहनकर शिवजी को गंगा जल से स्नान कराएं। उसके बाद शिवजी के आगे दीया जलाएं। उनका पानी से जल अभिषेक करें। जल अभिषेक करने के बाद उको फूल और बेल पत्र भी च़ढ़ाएं। पूजा करें और आखिरी में उनकी आरती पढ़ें। आप शिव चालीसा का भी अध्ययन कर सकते हैं। इस बार सावन के महीने में पहला सोमवार का व्रत 10 जुलाई को रखा जाएगा।

जानें क्या है शुभ मूहुर्त

सावन के पहले दिन कई सारे शुभ मूहुर्त बन रहे हैं। ब्रह्रा मूहुर्त सुबह 4 बजकर 7 मिनट से लेकर 4:48 तक है।  उसके बाद दूसरा शुभ मूहुर्त प्रात संध्या सुबह 4:27 से लेकर  5:28 तक है। विजह मूहुर्त दोपहर 2:45 से लेकर 3:40 तक है। सांय संध्या का शुभ मूहुर्त  शाम को 7:23 से लेकर 8:24 तक बन रहा है।

डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में बताई विधि, तरीक़ों व दावों को केवल जानकारी के रूप में लें। DNP News Network/Website/Writer इनकी पुष्टि नहीं करता है। इस तरह के किसी भी उपचार/दवा/डाइट पर अमल करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें। 

यह भी पढ़ें:कंडक्टर का बस में युवती संग शारीरिक संबंध बनाने का Video Viral, गंदी हरकत देख लोगों का चढ़ा पारा

देश और दुनिया की तमाम खबरों के लिए हमारा YouTube Channel ‘DNP INDIA’ को अभी subscribe करें। आप हमें FACEBOOKINSTAGRAM और TWITTER पर भी फॉलो कर सकते हैं।

For Feedback - feedback@dnpnewsnetwork.com

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Related News

Rashifal 18 April 2026

अप्रैल 17, 2026

Rashifal 17 April 2026

अप्रैल 16, 2026

Rashifal 16 April 2026

अप्रैल 15, 2026

Amarnath Yatra 2026

अप्रैल 15, 2026

Rashifal 15 April 2026

अप्रैल 14, 2026

Baisakhi 2026

अप्रैल 14, 2026