BAFTA 2026 : फरहान अख्तर की ‘बूंग’ फिल्म ने बॉलीवुड, साउथ और हॉलीवुड को पछाड़कर विदेशी धरती पर सफलता के झंडे गाड़ दिए हैं। मणिपुर की कहानी ने ब्रिटिश एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन आर्ट्स अवॉर्ड्स में परचम लहराया है। फरहान के प्रोडक्शन में बनीं मणिपुरी फिल्म ‘बूंग’ को बेस्ट चिल्ड्रन और फैमिली फिल्म की कैटेगरी में अवॉर्ड मिला। ये भारत की पहली पहली ऐसी फिल्म बन गई है, जिसे बाफ्टा अवॉर्ड मिला है।
BAFTA 2026 जीतने वाली फरहान अख्तार की ‘बूंग’ फिल्म की क्या स्टोरी है?
फरहान अख्तर के एक्सेल एंटरटेनमेंट बैनर ने इसे बनाया है। इस फिल्म का बड़ी इंटरनेशनल फिल्मों से मुकाबला था। एक छोटे से बच्चे की दिल छू लेने वाली कहानी ने वो कर दिया है जो बड़ी से बड़ी एक्शन और थ्रिलर मूवी भी नहीं कर पाती हैं। हॉलीवुड फिल्मों के सामने भारतीय चमक हर भारतवासी को गौरवान्वित महसूस करा रही है। बूंग की स्टोरी की बात करें तो ये एक छोटे मासूम बच्चे की कहानी है। वो मणिपुर के छोटे से इलाके में रहता है। वो अपने लापता पिता को ढूंढकर अपनी मां को गिफ्ट करना चाहता है। बच्चा अपने पिता की खोज ऐसे समय करतचा है जब मणिपुर में सामाजिक-राजनीतिक तनाव अपने चर्म पर है। बच्चे के सामने बड़ा संघर्ष है। फिल्म का निर्देशन लक्ष्मीप्रिया देवी ने किया है। ये मूवी 19 सितंबर 2025 को रिलीज हुई थी।
Boong फिल्म की जीत पर क्या बोले फरहान अख्तर ?
बूंग मूवी को बनाने वाले फरहान अख्तर ने इस बड़ी उपलब्धि पर खुशी जताई है। उन्होंने बयान देते हुए कहा कि,”अत्यंत सम्मानित और आभारी” महसूस कर रहे हैं। इसके साथ ही फरहान ने फिल्म की पूरी कास्ट को धन्यवाद के साथ बधाई दी है। फरहान ने आगे कहा ,भारत के उस हिस्से की कहानी को वैश्विक मंच मिला, जिसका प्रतिनिधित्व सिनेमा में बहुत कम देखने को मिलता है।
बाफ्टा अवॉर्ड क्या हैं?
आपको बता दें, बाफ्टा अवॉर्ड का पूरा नाम ‘ब्रिटिश एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन आर्ट्स’ है। इसका आयोजन हर साल ब्रिटेन के द्वारा किया जाता है। ये पुरस्कार दुनियाभर के अलग-अलग देशों की फिल्म, टेलीविजन और खेलों के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाली मूवी के लिए दिया जाता है। इसकी शुरुआत 1949 में हुई थी। अभी तक किसी भी भारतीय फिल्म ने बाफ्टा अवॉर्ड नहीं जीता है।
