Diljit Dosanjh: पंजाब 95 के नाम से मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा की सच्ची कहानी को लाने की जिम्मेदारी दिलजीत दोसांझ ने अपने कंधे पर ली थी। सतलुज फिल्म 3 साल पहले रिलीज होने वाली थी लेकिन सीबीएफसी की तरफ से सर्टिफिकेट ना मिलने की वजह से यह ठंडे बस्ते में चली गई। हालांकि इस सब के बीच यह ओटीटी प्लेटफॉर्म G5 पर रिलीज हुई लेकिन 48 घंटे के भीतर गायब कर दिया गया। आखिर किसने यह करवाया और क्यों इसे हटाया गया इसे लेकर कोई भी ऑफिशल पुष्टि नहीं की गई है। ना ही कोई स्टेटमेंट जारी किया गया है लेकिन दिलजीत दोसांझ इससे बेखौफ लोगों को झलकियां दिखाने में पीछे नहीं हैं।
दिलजीत दोसांझ इस तरह दिखा रहे लोगों की बेकरारी
दरअसल दिलजीत दोसांझ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर एक के बाद एक वीडियो शेयर कर रहे हैं जहां सतलुज फिल्म को एंजॉय कर रहे लोग नजर आ रहे हैं। अलग-अलग गांव में इस फिल्म को देखने के लिए लोगों की भीड़ जमा हुई है और वह एक साथ इस फिल्म का लुत्फ उठाते हुए नजर आ रहे हैं। वीडियो इस बात को बयां करता है कि दिलजीत दोसांझ को कोई फर्क नहीं पड़ता कि आखिर इसे बैन कर दिया गया है लेकिन लोगों में इसे लेकर क्या बेकरारी है कि यह वीडियो से साफ पता चलता है।
क्यों सतलुज बैन को बर्दाश्त नहीं कर पा रहे Diljit Dosanjh के फैंस
जसवंत सिंह खालड़ा की सच्ची कहानी पर आधारित सतलुज को ओटीटी प्लेटफॉर्म से सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए हटा दिया गया लेकिन किसके कहने पर यह बैन लगाया गया है। यह क्यों लगाई गई और इसके पीछे आखिर क्या है सच्चाई इसका पता फिलहाल नहीं चल पाया है। वहीं दिलजीत दोसांझ ने बीते दिन एक वीडियो को शेयर करते हुए कहा था कि सतलुज फिल्म आपकी है और इसे आपका होने से कोई नहीं रोक सकता है।
ऐसे में यह देखना दिलचस्प होने वाला है कि क्या सतलुज कंट्रोवर्सी और विवाद के बीच दिलजीत दोसांझ के फैन इस फिल्म को दोबारा से देख पाएंगे।







