R B Choudary: साउथ सिनेमा के सुपर स्टार थलापति विजय अब तमिलनाडु के मुख्यमंत्री बनने वाले हैं। उनकी पार्टी तमिलगा वेट्री कड़गम ने 234 सीटों में से 108 सीटें जीती हैं। सीएम बनने के लिए 117 सीटों की जरुरत है। तमालनाडु की वो सबसे पार्टी के नेता के तौर पर उभरे हैं। जितना शानदार उनका फिल्मी करियर रहा है, उतना ही जबरदस्त उन्होंने राजनीति में एंट्री ली है। हर तरह विजय की इस जीत की चर्चा है। लेकिन इस खुशी के बीच एक्टर पर मुसीबत टूट पड़ी है। फिल्मी करियर में विजय थलापति को पहचान दिलाने वाले सुपर गुड फिल्म्स के संस्थापक और डायरेक्टर आर.बी. चौधरी की रोड एक्सीडेंट में मौत हो गई है। जिनके डायरेक्शन ने उन्हें स्टार बनाया वो ही मेकर अब विजय की नई विजय नहीं देख सका।
R B Choudary की मौत कैसे हुई?
साउथ फिल्म मेकर आर.बी. चौधरी की मौत 5 मई 2026 को राजस्थान के पाली में एक्सीडेंट के दौरान हुई है। बताया जा रहा है कि, उनकी कार ब्यावर-पिंडवाड़ा नेशनल हाईवे पर अचानक से सामने आए एक जानवर को बचाते हुए सेफ्टी डिवाइडर से टकरा गई। जिसके कारण डायरेक्टर की मौत हो गई और उनका भतीजा और ड्राइवर गंभीर रुप से घायल है। खबरों की मानें तो किसी शादी में शामिल होने के लिए राजस्थान पहुंचे थे। लेकिन 76 साल की उम्र में उनका निधन हो गया।
नए मुख्यमंत्री बनने वाले थलापति विजय की जिंदगी आर.बी. चौधरी ने कैसे बदली?
तमिलनाडु की राजनीति में नए नेता और मुख्यमंत्री थलापति विजय के फिल्मी करियर को इस ऊंचाई तक पहुंचाने में प्रोड्यूसर आर.बी. चौधरी की प्रमुख भूमिका रही है। आर.बी. चौधरी की फिल्म ‘पूंवे उनाक्कागा’ 52 साल के विजय के करियर का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट है। इस मूवी ने 1996 में 270 दिनों तक थिएटर में बने रहने का रिकॉर्ड बनाया था। इसके बाद थुल्लथा मनमम थुल्लुम और तिरुपाची जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्में दीं। इन फिल्मों ने विजय के करियर को ऊंचाई तक पहुंचा दिया। इन मूवी के हिट होने के बाद विजय ने 33 साल के सफल करियर के बाद सिनेमा को छोड़ राजनीति में तूफानी एंट्री की है। थलापति विजय ने 69 फिल्मों से एक बड़ा फैन सम्राज्य खड़ा किया है। यही कारण है कि, उन्हें तमिलनाडु में सबसे बड़ी जीत मिली है।
आर.बी. चौधरी कौन थे?
आर.बी. चौधरी का पूरा नाम रतनलाल भगचंद चौधरी था। उनका जन्म एक राजस्थानी परिवार में हुआ था। उन्होंने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत 1988 में मलयालम फिल्म ‘आदि पापम’ से की थी। उनकी सबसे हिट मूवी सूर्यवंशम , नट्टमई और पूवे उनाक्कागा रही हैं। अपने 40 साल के फिल्मी करियर में वो एक बड़े निर्देशक बनकर उभरे हैं।






