Burning feet: अगर आपके पैरों से भी आग निकलती है और तमाम इलाज कराने के बाद भी ये ठीक नहीं हो रहा है तो डॉक्टर से इसका सही कारण जरुर जानें। इसके साथ ही वो इसका इलाज भी बता रही हैं। एम्स दिल्ली की न्यूरोलॉजिस्ट डॉक्टर प्रियंका सहरावत का कहना है कि, विटामिन बी12 की कमी के कारण पैरों में जलन, झनझनाहट और सुन्नपन का असली कारण है। विटामिन बी12 हमारी नसों की सेफ्टी परत यानी माइलिन शीथ को बनाने और बनाए रखने के लिए बेहद जरूरी पोषक तत्व है। जब शरीर में इसकी कमी होती है, तो नसें कमजोर होने लगती हैं और पैरों से जुड़े न्यूरोलॉजिकल लक्षण दिखने लगते हैं। जिसकी वजह से रात में सोते हुए पैरों में तेज दर्द और बेचैनी होती है।
Burning feet क्यों होता है?
डॉक्टर प्रियंका सहरावत का कहना है कि, इस दौरान तलवों में हर समय या रात के समय असहज जलन महसूस होना, इसके साथ ही पैरों और उंगलियों में चींटियां चलने जैसा अहसास होना या हिस्सा सुन्न हो जाना भी इसका एक कारण माना जाता है। इस दौरान मरीज को पैरों में भारीपन महसूस होता है। वहीं, पैरों में ठंडक रहती है। पैरों में होने वाली इस समस्या के प्रमुख कारण विटामिन बी12 कमी होती है। इसकी कमी से पेट भी खराब रहता है । जिसके कारण शरीर में विटामिन बी 12 नहीं बन पाता है।
पैरों में हो रही जलन का असली कारण
अगर आपके पैरों में भी इस तरह का दर्द और झुनझनी हो रही है तो सबसे पहले ब्लड टेस्ट करवाएं , फिर डॉक्टर की सलाह पर इलाज कराएं। विटामिन बी 12 की कमी को नॉनवेज से पूरा किया जा सकता है , लेकिन जो लोग वेज खाते हैं, उन्हें अपनी डाइट में मशरूम, पालक, दूध, दही, पनीर और अंडे लेने चाहिए।डॉक्टर की सलाह पर मरीज विटामिन बी 12 के सप्लीमेंट्स ले सकते हैं। वेज वाले लोग दूध, दही, पनीर और छाछ के साथ फलों और सब्जियों का सेवन कर सकते हैं। वहीं, नॉनवेज खाने वाले लोग अंडा, मछली, किचन और मटन खा सकते हैं। इसके साथ ही डॉक्टर की सलाह पर विटामिन बी12 टैबलेट्स या कैप्सूल का सेवन कर सकते हैं। ध्यान रहे बिना डॉक्टर की सलाह के किसी भी दवा या फिर सप्लीमेंट का सेवन ना करें।







