---Advertisement---

Health Tips: जेंडर बदलवाते समय इन दिक्कतों का करना पड़ता है सामना , जानें एक्सपर्ट के खास सुझाव

Health Tips: जेंडर को बदलवाने के बाद थर्ड जेंडर को कई तरह की मानसिक और शारीरिक परेशानियों का सामना करना पड़ता हैं।

Avatar of Akansha Tiwari

By: Akansha Tiwari

Published: जुलाई 2, 2023 3:16 अपराह्न | Updated: जुलाई 2, 2023 8:43 अपराह्न

Health Tips
Follow Us
---Advertisement---

Health Tips: भारत जैसे देश में आज भी जेंडर के हिसाब से लोगों को केवल दो ही वर्गों में विभाजित किया जाता है। यदि उन्हें कोई तीसरे जेंडर का इंसान दिखता है, तो वह उन्हें सामान्य लोगों को दर्जा नहीं देते हैं। वह उन्हें एक अलग तरह की नजर से देखते हैं। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने साल 2014 में थर्ड जेंडर को सामान्य मेल और फीमेल जेंडर की तरह ही दर्जा देने की बात कहीं थी। जिसके बाद अब हर जगह ट्रासजेंडर को नार्मल लोगों की तरह देखा जाएगा। दर्जा मिलने के बाद भी इन लोगों को उस तरह का सम्मान और प्यार समाज में आज तक नहीं मिला है। कई बार लोग अपनी मर्जी और पसंद के चलते अपने जेंडर को बदलना चाहते हैं। लेकिन जेंडर को बदलने के बाद लोगों को बहुत सी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। जिसे कई बार उनके हेल्थ पर काफी बुरा असर पड़ता है। आज इस आर्टिकल के जरिए आपको जेंडर को बदलते समय होने वाली दिक्कतों के बारे में प्रसूति और स्त्री रोग विभाग में काम कर रही डॉ. चेतना जैन के द्वारा बताई गई सभी बातों के बारे में बताया जाएगा।

यह भी पढ़ें : Health Tips: अगर आप भी करते हैं लगातार स्माइल तो, हो चुके हैं इस गंभीर बीमारी के शिकार

मानसिक तनाव बढ़ता है

जेंडर बदलवाना बोलने में जितना आसान लगता है, वास्तव में उतना होता नहीं है। जेंडर चेंज होने के बाद इंसान को कई दिक्कतों का सामना अकेला ही करना पड़ता है। जिसके चलते इंसान कई चीजों का एक साथ स्ट्रेस लेने लगता हैं और अपनी मानसिक स्थिती को खराब करता है। जेंडर बदलवाने के बाद 40 प्रतिशत ट्रासजेंडर खुद अपने इस फैसले पर अफसोस करते हैं।

इनफर्टाइल का खतरा

कई बार पेट में टेस्टिस काफी लंबे समय तक रह जाते हैं। जिसे आगे जाकर इसमें बहुत सी दिक्कते देखने को मिलती हैं। खासतौर से इनमें इनफर्टाइल की समस्या उत्पन्न होती है। पेट का तापमान अधिक हो जाने के कारण टेस्टिस अपनी जगह से नीचे की ओर खिसकने लगते हैं।

दिल से संबधित परेशानियां

जब कोई थर्ड जेंडर अपना जेंडर चेंज करने के बारे में सोचता है, तो उन्हें दिल से संबधित कई सारी परेशानियों से लड़ने के लिए अपने आप को तैयार करना पड़ता है। इन सारी परेशानियों की खास वजह खासतौर से जननांग में कमी होना बताई जाती है।

हार्मोन इंजेक्शन का बुरा असर

एक बार जेंडर चेंज कराने के बाद कई सालों तक हार्मोन इंजेक्शन को लेना बहुत जरूरी हो जाता है। जेंडर चेंज कराने से पहले एक साल तक अलग प्रकार का सेशन लेना भी जरूरी होता है। जिसमें उनके मानसकि और शारीरीक स्थिति पर काफी बुरा प्रभाव पड़ता है।

डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में बताई विधि, तरीक़ों व दावों को केवल जानकारी के रूप में लें। DNP News Network/Website/Writer इनकी पुष्टि नहीं करता है। इस तरह के किसी भी उपचार/दवा/डाइट पर अमल करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

ये भी पढ़ें: Goat milk: अमृत के सामान है बकरी का दूध! osteoporosis समेत कई बीमारियों के लिए है रामबाण दवा

देश और दुनिया की तमाम खबरों के लिए हमारा YouTube Channel ‘DNP INDIA’ को अभी subscribe करें। आप हमें FACEBOOKINSTAGRAM और TWITTER पर भी फॉलो कर सकते हैं।

For Feedback - feedback@dnpnewsnetwork.com

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Related News

Gut Health Tips

मई 14, 2026

Breast Cancer

मई 14, 2026

Palak Tiwari

मई 13, 2026

Diabetes Control

मई 13, 2026

Cancer

मई 12, 2026

CM Mohan Yadav

मई 12, 2026