Health Tips: रात में बार-बार नींद खुलने की समस्या से दुनिया की आधी आबादी परेशान है। वैसे तो सोते हुए नींद टूटने के कई कारण होते हैं। लेकिन कभी-कभी बिना तनाव और शरीर को बिना किसी बीमारी के अनुभव होने पर भी ये लक्षण दिखते हैं। जिसके बाद उन्हें समझ ही नहीं आता है कि, उनके साथ ये क्या और क्यों हो रहा है? आपका शरीर भी ये संकेत दे रहा है तो इसे बिल्कुल भी हल्के में ना लें। ये हेल्थ को बिगाड़ सकता है और गंभीर समस्या में डाल सकता है। यहां जानें इन गुप्त संकेतों का क्या मतलब होता हैं?
Health Tips: नींद टूटने के पीछे छिपे शरीर और दिमाग के असली संकेत समझिए
रात में सोते हुए अचानक से नींद खुलने के वैसे तो कई कारण हैं। लेकिन अधिकतर डॉक्टर्स और विशेषज्ञों का कहना है कि, मेलाटोनिन, कोर्टिसोल और इंसुलिन जैसे हॉर्मोन्स का नींद से गहरा नाता होता है। ये हॉर्मोन्स अगर थोड़े से भी गड़बड़ होते हैं तो नींद हराम हो जाती है। इसके साथ ही ये शरीर के द्वारा दिया जाने वाला इमरजेंसी अलार्म है। जिसे जरा भी इग्नोर नहीं करना चाहिए। ये संकेत ब्लड प्रेशर , थायरॉइड, डिप्रेशन, स्लीप एपनिया, आदि हैं। इसके साथ ही ज्यादा पानी पीने और ब्लड शुगर फ्लक्चुएशन के कारण भी ये होता है। ये सभी कारण और लक्षण अंदर से बीमार होती बॉडी के संकेत हैं। जिन्हें बिल्कुल भी इग्नोर नहीं करना चाहािए।
अच्छी नींद के लिए क्या करें?
स्लीप शेड्यूल को बदलें
अगर आपके साथ रात में बार-बार नींद टूटने की घटनाएं काफी ज्यादा हो रही हैं तो अपने स्लीप शेड्यूल को बदलें। इसके लिए आप जल्दी सो सकते हैं। देर रात तक जागने की आदत स्लीप साइकिल को बिगाड़ देती है।
कमरे में अंधेरा और शांति रखें
सोने के लिए आप ऐसा कमरा चुन सकते हैं जिसकी लाइट बंद करके आप शांति भरे माहौल में सो सकते हैं। कई बार माहौल में शोर-शराबे और रोशनी के कारण नींद नहीं आती है।
स्क्रीन से तौबा
रात में सोने से दो घंटे पहले मोबाइल, लैपटॉप और टीवी सहित सारी स्क्रीन वाली चीजों से दूर रहना चाहिए। ये आपकी नींद में खलल डाल सकते हैं। इन डिवाइसों से जो रोशनी निकलती है वो नींद के हार्मोन मेलाटोनिन को रोकती है। जिसकी वजह से नींद खराब होती है।
ज्यादा खाने से बचें
रात में अगर अच्छे से सोना है तो हैवी और मसाले वाले फूड से तौबा कर लें। रात में पाचनतंत्र स्लो हो जाता है। जिसकी वजह से फूड पचता नहीं है और बार-बार नींद खुलती है।
Disclaimer: यह लेख और इसमें दी गई चिकित्सीय परामर्श केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से किसी योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इस लेख में बताए गए तरीकों और दावों को केवल सुझाव माना जाना चाहिए; डीएनपी इंडिया हिंदी न तो इनकी पुष्टि करता है और न ही खंडन करता है। ऐसे किसी भी सुझाव/उपचार/दवा/आहार का पालन करने से पहले हमेशा डॉक्टर से सलाह लें।





