Health Tips: शरीर को हेल्दी रखने में अहम रोल डाइट का होता है. इसीलिए चीनी और तेल का भोजन में सही- सही इस्तेमाल हो तो कम नुकसान करता है. लेकिन इनका सेवन अगर बहुत अधिक मात्रा में किया जा रहा है तो शरीर को कई सारी गंभीर बीमारियां घेर सकती हैं. इसीलिए हेल्थ एक्सपर्ट के द्वारा इन चीजों के अन्य विकल्प बताए जा रहे हैं जो, शरीर पर कोई गलत प्रभाव नहीं डालते हैं. आप भी बीमारियों से बचने के लिए अपनी डाइट का हिस्सा बना सकते हैं.
चीनी की जगह क्या खाएं?
हेल्थ एक्सपर्ट सलीम जैदी का कहना है कि,सफेद चीनी को शरीर के लिए एक धीमा जह रहैं और इसे पूरी तरह छोड़ देना चाहिए.सफेद चीनी खाते ही यह तुरंत खून में घुलकर ग्लूकोज का स्तर बहुत तेजी से बढ़ा देती है. इससे पैनक्रियाज को बहुत अधिक मात्रा में इंसुलिन बनाना पड़ता है.
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वीडियो क्रेडिट-HealthyHamesha
लंबे समय तक चीनी का अधिक इस्तेमाल किया जाए को टाइप-2 डायबिटीज का खतरा काफी बढ़ जाता है. इससे वजन बढ़ना और जिद्दी फैट, फैटी लीवर की समस्या, दिल की बीमारियां और हाई बीपी और दांतों की सड़न और कमजोर इम्युनिटी जैसी समस्याएं होती हैं. इसीलिए किसी भी तरह की चीनी का सेवन ना करें. इसका हर रुप शरीर को भयंकर नुकसान पहुंचाता है. इसी तरह बाजार में मिलने वाले पैकेज्ड फ्रूट जूस, कोल्ड ड्रिंक्स, बिस्कुट, केचप और फ्लेवर्ड योगर्ट में बहुत अधिक मात्रा में छिपी हुई चीनी होती है, जिसे पूरी तरह बंद करना चाहिए. अगर मीठा खाने का मन है तो खजूर या फिर किशमिश खा सकते हैं. ये आपको किसी भी तरह का नुकसान नहीं पहुंचाएंगे.
अच्छी हेल्थ के लिए इस तेल का करें सेवन
अच्छी हेल्थ के लिए कभी भी रिफाइंड का इस्तेमाल नहीं करना है. हेल्थ एक्सपर्ट का कहना है कि,रिफाइंड तेल को हमारे स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक और बीमारियों की मुख्य जड़ मानते हैं. रिफाइंड तेल असल में एक केमिकल प्रोसेस्ड लिक्विड है, जो हमारे शरीर के अंगों को अंदर से खोखला कर देता है. इसकी जगह कच्ची घानी या लकड़ी से निकले सरसों, मूंगफली या तिल के तेल का इस्तेमाल कर सकते हैं. वहीं, शुद्ध देसी घी भी हेल्त के लिए बहुत अच्छा होता है, खाने में सरसों का तेल या फिर जैतून का तेल इस्तेमाल कर सकते हैं.
Disclaimer: यह लेख और इसमें दी गई चिकित्सीय परामर्श केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से किसी योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इस लेख में बताए गए तरीकों और दावों को केवल सुझाव माना जाना चाहिए; डीएनपी इंडिया हिंदी न तो इनकी पुष्टि करता है और न ही खंडन करता है। ऐसे किसी भी सुझाव/उपचार/दवा/आहार का पालन करने से पहले हमेशा डॉक्टर से सलाह लें।







