Health Tips:डिप्रेशन और नींद की परेशानी को झेल रहे लोगों के लिए वरदान के ये देसी दवा, रोजाना सेवन करने से जल्द दिखेगा असर

Health Tips:तनाव और डिप्रेशन आपकी मानसिक शांति छीन रहे हैं तो आयुर्वेद की चमत्कारी जड़ी-बूटी जटामांसी आपके लिए वरदान साबित हो सकती है. जानें सेवन का सही तरीका क्या है?

Health Tips

Picture Credit: Google

Health Tips: डिप्रेशन और नींद की समस्या से जूझ रहे लोगों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है. कई बार दवाई खाने से भी असर नहीं दिखता है. इसी लिए हेल्थ एक्सपर्ट के द्वारा देसी चूर्ण के बारे में बताया जा रहा है. हेल्थ एक्सपर्ट के द्वारा AyurvedaforEveryoneOfficial नाम के यूट्यूब चैनल पर इसकी जानकारी दी जा रही है. डॉक्टर रुपाली जैन का कहना है कि, ये ये तनाव को कम करता है. इसीलिए इसका सेवन रोजाना करना चाहिए.

Health Tips: डिप्रेशन और नींद की समस्या को कैसे करें खत्म?

डॉक्टर रुपाली जैन का कहना है कि,  जटामांसी को आयुर्वेद में नींद लाने वाली और तनाव को कम करने वाली दवा के रुप में जाना जाता है. नींद और डिप्रेशन की समस्या को जटामांसी का चूर्ण रामबाण है.जटामांसी चूर्ण  हैप्पी हार्मोन्स  जैसे सेरोटोनिन और डोपामाइन के स्तर को बढ़ाने में मदद करता है.

देखें वीडियो

वीडियो क्रेडिट-AyurvedaforEveryoneOfficial

ये हार्मोन्स सीधे तौर पर मूड और खुशी से जुड़े होते हैं। जब इनका स्तर सही रहता है, तो तनाव कम होता है. उनका कहाना है कि,तनाव के समय शरीर में कोर्टिसोल हार्मोन बढ़ जाता है, जो नींद उड़ा देता है.  जटामांसी में मौजूद  एडाप्टोजेनिक मन और दिमाग को शांत करता है. यह चूर्ण नर्वस सिस्टम के लिए एक टॉनिक की तरह काम करता है. इसीलिए इसका सेवन रोजाना करना चाहिए ये मार्केट में आसानी से मिल भी जाता है.

जटामांसी  के सेवन का सही तरीका

डॉक्टर रुपाली जैन जटामांसी के इस्तेमाल का सही तरीक बता रही हैं. उनका कहना है कि, जटामांसी को पीसकर या फिर इसकी जड़ों को तोड़कर पानी में 4 से 5 घंटे भिगोकर रख दें. इसके बाद पानी का सेवन सोने से पहले धीरे-धीरे करें.ये दिमाग को शांत करके नींद को लाता है और तनाव को कम करके डिप्रेशन को खत्म करता है. इससे याददाश्त भी ठीक होती है.

Disclaimer: यह लेख और इसमें दी गई चिकित्सीय परामर्श केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से किसी योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इस लेख में बताए गए तरीकों और दावों को केवल सुझाव माना जाना चाहिए; डीएनपी इंडिया हिंदी न तो इनकी पुष्टि करता है और न ही खंडन करता है। ऐसे किसी भी सुझाव/उपचार/दवा/आहार का पालन करने से पहले हमेशा डॉक्टर से सलाह लें।

Exit mobile version