Heart Attack: एक समय था जब बड़ी उम्र के लोगों को हार्ट अटैक आता था. लेकिन अब चलते-फिरते हेल्दी लोगों को हार्ट अटैक आ रहा है. इस दौरान लोगों को जरा भी नहीं लगता है कि, उनका दिल बीमार है. डॉक्टर सलीम जैदी का कहना है कि,आधे से ज्यादा लोगों के अंदर हार्ट डिजीज का पहला लक्षण सीने में दर्द नहीं होता बल्कि अचानक मौत होती है. इसीलिे इसके पीछे का कारण और बचाव का तरीका डॉक्टर के द्वारा बताया जा रहा है.
Heart Attack क्यों आता है?
डॉक्टर का कहना है कि, हमारा दिल एक एक मांसपेशी है लेकिन, यह कोई आम मसल नहीं है बल्कि यह बॉडी की सबसे ज्यादा हार्ड वर्किंग मसल है जो बिना रुके बिना थके हमारे जन्म से लेकर मृत्यु तक एक साथ काम करती रहती है.
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वीडियो क्रेडिट-Healthy Hamesha
कभी आराम नहीं लेती और इसीलिए इसको सबसे ज्यादा ऑक्सीजन चाहिए होता है। इस ऑक्सीजन को पहुंचाने का काम करती है हमारी कॉर्नरी आर्टरीज, अगर इनमें किसी भी तरह की ब्लॉकेज आती है तो मरीज की तरुंत मौत हो जाती है.डॉक्टर का कहना है कि, हार्ट प्लैक खतरनाक नहीं होता है क्योंकि यह साइलेंटली हमारे अंदर पड़ा रहता है। लेकिन जब इस प्लैक के अंदर इनफ्लेमेशन होने की वजह से यह सॉफ्ट हो जाता है और इसके अंदर वाला जो पार्ट है वो लिक्विड की तरह हो जाता है.इस बीच अब अगर अचानक किसी का बीपी बहुत ज्यादा बढ़ जाए या इमोशनल स्ट्रेस आए तो यह ऊपर वाली पतली झिल्ली है वो गुब्बारे की यह कई बार फट सकती है. जिसके बाद हार्ट अटैक आ जाता है.
हार्ट अटैक को कैसे रोकें?
अगर इस स्थिति से बचना चाहते हैं, तो सबसे पहले आपको तीन चीजों को कंट्रोल करना पड़ेगा। सबसे पहला होता है आर्टरी वॉल को डैमेज से बचाना। दूसरा है इनफ्लेमेशन को कम करना और तीसरा है क्लॉट फॉर्मेशन की टेंडेंसी को कम करना.हार्ट अटैक से बचने के लिए दवाई नहीं बल्कि नमक को कंट्रोल कीजिए. पूरी नींद लीजिए. तनाव कम कीजिए और एक्सरसाइज को भी अपने रूटीन का पार्ट जरूर बनाइए। अपनी ब्लड शुगर को कंट्रोल में रखना। हाई शुगर का मतलब सिर्फ डायबिटीज नहीं होता है। शुगर प्रोटीन के साथ रिएक्ट करके ग्लाइकेशन प्रोडक्ट्स बनाती है। इस प्रोसेस से आर्टरीज की वॉल खराब हो जाती है और और वहां पर इनफ्लामेशन बढ़ा जाता है। इसलिए फास्टिंग शुगर कोशिश कीजिए 90 से 100 के बीच में रहे .
इसके लिए रिफाइंड कार्ब्स को कम करिए, रेजिस्टेंस ट्रेनिंग करिए और फैट को कम करने की कोशिश कीजिए ताकि इंसुलिन का रेजिस्टेंस कम हो. अगर आप 6 घंटे से कम सोते हैं तो इससे भी सीआरपी लेवल बढ़ सकता है जो कि क्रॉनिक इनफ्लेमेशन का एक इंडिकेटर है. इससे बचने के लिए आप मेडिटेशन का सहारा लीजिए। रोजाना थोड़ी देर धूप में बैठिए ताकि आपके अंदर विटामिन डी बन पाए। ज्यादा प्रोटीन को लीजिए और ओमेगा रिच फूड्स को अपने डाइट में जरूर रखिए .क्योंकि यह सब चीजें इनफ्लेमेशन को कम करती हैं। इसके साथ ही स्मोकिंग बिल्कुल बंद कर दीजिए . रोजाना 30 से 40 मिनट ब्रेक्स वॉक कीजिए या फिर कोई कार्डियो एक्सरसाइज कीजिए। हफ्ते में दो-तीन बार स्ट्रेंथ ट्रेनिंग कीजिए। इसके साथ ही समय-समय पर टेस्ट कराते रहें.
Disclaimer: यह लेख और इसमें दी गई चिकित्सीय परामर्श केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से किसी योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इस लेख में बताए गए तरीकों और दावों को केवल सुझाव माना जाना चाहिए; डीएनपी इंडिया हिंदी न तो इनकी पुष्टि करता है और न ही खंडन करता है। ऐसे किसी भी सुझाव/उपचार/दवा/आहार का पालन करने से पहले हमेशा डॉक्टर से सलाह लें।






