Liver Cirrhosis : लीवर शरीर में ब्लड फिल्टर करके गंदगी को बाहर निकलता है. इसके साथ ही अन्य अंगों तक रक्त पहुंचाने का भी काम करता है. लीवर बॉडी में 500 से अधिक कार्य करता है. लेकिन अगर इसमें किसी प्रकार की समस्या आ जाए तो दिल और दिमाग दोनों प्रभावित होते हैं. इसकी सबसे खतरनाक बीमारी लिवर सिरोसिस है. इसमें लीवर पर गहरे जख्म हो जाते हैं. ये लिवर को सड़ा देता है. इसमें लीवर सख्त हो जाता है और ब्लड सर्कुलेशन ठीक से नहीं हो पाता, जिसके कारण ये काम करना बंद कर देता है. इसीलिए द गैस्ट्रो-लिवर हॉस्पिटल कानपुर के डॉक्टर वीके मिश्रा के द्वारा इस गंभीर बीमारी के लक्षणों के बारे में बताया जा रहा है.
Liver Cirrhosis में पीलिया के लक्षण दिखना
लीवर सिरोसिस की बीमारी में पीड़ित व्यक्ति अचानक से पीला पड़ने लगता है. उसे पीलिया हो जाता है.त्वचा और आँखों के सफेद हिस्से का पीला पड़ना इस गंभीर बीमारी का लक्षण माना जाता है.
सूजन के साथ शरीर में निशान और खुजली दिखना
कुछ मरीजों के पेट और पैरों में सूजन आ जाता है. पेट में पानी भरने से शरीर में भयंकर दर्द होता है. इसके साथ ही बॉडी पर मकड़ी के जाले जैसे गहरे निशान पड़ने लगते हैं. इसके साथ ही खुजली भी हो सकती है.
लीवर सिरोसिस भ्रम की स्थिति पैदा कर सकता है
लीवर खराब होने से लोगों में भ्रम की स्थिति पैदा हो जाती है. इसका कारण अमोनिया का लेवल बढ़ना होता है. पीड़ित के व्यवहार में बदलाव देखने को मिल सकते हैं.
पेशाब का रंग बदलना
लीवर सिरोसिस में पेशाब का रंग गहरा पीला हो जाता है. इसका कारण शरीर में बिलीरुबिन का बढ़ माना जाता है। ये शरीर में जमी गंदगी होती है. जो लीवर खराब होने के कारण पेशाब में दिखती है.
पेशाब का रंग बदलना
लीवर डैमज होने पर सबसे ज्यादा दर्द पेट में होता है. पेट की गुहा में गंदगी जमा होने लगती है। इससे पेट फूल जाता है . जिसके कारण पेट में भारीपन और सांस लेने में कठिनाई जैसे लक्षण दिखते हैं.
लीवर सिरोसिस के कारण
1-अत्यधिक शराब का सेवन करने वाले लोगों का लीवर जल्दी खराब होता है.
2-क्रोनिक वायरल हेपेटाइटिस B और C के वायरस लीवर में लंबे समय तक अगर बने रहते हैं तो लीवर को सड़ाना शुरु कर देते हैं.
3-मोटापे, हाई कोलेस्ट्रॉल, डायबिटिज, तला-भूना खाने से लीवर पर सूजन के साथ चर्बी जमने लगती है. ये आगे चलकर लीवर सिरोसिस का रुप ले लेती है.
4-लीवर सिरोसिस एक जेनेटिक बीमारी है. परिवार में अगर ये किसी व्यक्ति को हो गई है तो बहुत संभावना है कि, पीढ़ी के अन्य लोगों को भी ये बीमारी हो सकती है.






