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Pregnancy Tips: मिसकैरेज या एबॉर्शन के इतने दिनों के बाद कर सकते हैं दोबारा कंसीव! इन बातों का रखें ध्यान

Pregnancy Tips: प्रेग्नेंसी किसी भी महिला की जिंदगी में अहम पड़ाव होते हैं। अगर इस दौरान किसी वजह से मिसकैरिज या एबॉर्शन हो जाता है तो घबराने की जरुरत नहीं है। आप कुछ समय के बाद दोबारा कंसीव कर सकती हैं। जी हां, बस कुछ चीजों को ध्यान रखना जरुरी है।

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By: Anjali Wala

Published: अप्रैल 2, 2023 9:00 अपराह्न

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Pregnancy Tips: यदि प्रेग्नेंसी के पहले तीन से चार महीनों के भीतर भ्रूण नष्ट हो जाता है, तो इसे मिसकैरिज कहा जाता है। कभी-कभी कई कारणों से गर्भपात हो सकता है, लेकिन इसके लिए महिला कभी भी जिम्मेदार नहीं होती है। विशेषज्ञों के अनुसार गर्भावस्था के इस शुरुआती चरण में 10% महिलाओं का एबॉर्शन हो जाता है। एबॉर्शन या मिसकैरिज के बाद ऐसा नहीं है कि दोबारा प्रेग्नेंसी में दिक्कत होती है लेकिन आपको कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए।

इतने दिनों के बाद करना चाहिए प्रेग्नेंसी ट्राई

महिला का मिसकैरिज होने के बाद, उसके शरीर में कई हार्मोनल परिवर्तन होते हैं। इसका असर उसके मानसिक स्वास्थ्य पर भी पड़ सकता है। विशेषज्ञों की माने तो यदि किसी महिला का गर्भपात हो गया है, तो दोबारा प्रेग्नेंसी की कोशिश करने से पहले कुछ महीने इंतजार करना चाहिए। गर्भपात होने के कम से कम 3 से 4 महीने बाद तक गर्भाधान का प्रयास नहीं करना चाहिए। यह किसी भी महिला के लिए जरुरी है क्योंकि सफल होने की संभावना 71% है। इसलिए यदि आप तुरंत गर्भधारण नहीं करती हैं तो निराश न हों। जब तक आप सफल नहीं हो जाते तब तक प्रयास करते रहें।

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डॉक्टर से करें कंसल्ट

गर्भपात होने के बाद आपको वजह जानने के लिए डॉक्टर के पास टेस्ट करवाना चाहिए। इस दौरान आपका स्वास्थ्य अधिक महत्वपूर्ण हो सकता है, क्योंकि गर्भपात के बाद आपको गर्भवती होने में अधिक समय लग सकता है। ऐसे में वजह जानने के बाद आप इस बार ज्यादा सचेत हो सकती हैं।

इन्फेक्शन का रखें खास ख्याल

यदि किसी महिला को सर्जरी के बाद गर्भाशय में संक्रमण हो जाता है, जिसका इलाज नहीं किया जाता है, तो उसे भविष्य की गर्भधारण में प्रजनन क्षमता के नुकसान का थोड़ा जोखिम हो सकता है। यह संक्रमण अंडाशय, फैलोपियन ट्यूब में फैलने की सबसे अधिक संभावना है। हालांकि, अधिकांश गर्भपात के मामलों में, डॉक्टर इन संक्रमणों के जोखिम को कम करने में मदद करने के लिए एंटीबायोटिक्स देते हैं।

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डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में बताई विधि, तरीक़ों व दावों को केवल जानकारी के रूप में लें। DNP News Network/Website/Writer इनकी पुष्टि नहीं करता है। इस तरह के किसी भी उपचार/दवा/डाइट पर अमल करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

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Anjali Wala

अंजलि वाला पिछले कुछ सालों से पत्रकारिता में हैं। साल 2019 में उन्होंने मीडिया जगत में कदम रखा। फिलहाल, अंजलि DNP India वेब साइट में बतौर Sub Editor काम कर रही हैं। उन्होंने बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी से हिंदी पत्रकारिता में मास्टर्स किया है।
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