Cholesterol: खराब खानपीन से शरीर में चर्बी बढ़ने लगती है। जिसे हाई कॉलेस्ट्रोल कहा जाता है। अगर ये बॉडी में बहुत अधिक मात्रा में बढ़ जाए तो हार्ट अटैक के साथ डायबिटिज, हाई ब्लड प्रेशर और हार्ट ब्लॉकेज को जन्म देता है। इसीलिए कुछ लोग इसे रोकने के लिए दवाओं का सेवन करते हैं। लेकिन इनका शरीर पर क्या प्रभाव पड़ता है? इसकी जानकारी देश के फेमस नॉन-इनवेसिव कार्डियोलॉजिस्ट डॉक्टर बिमल छाजेर के द्वारा दी जा रही है।
Cholesterol को कम करे वाली दवाएं ले या नहीं
डॉक्टर बिमल छाजेर का कहना है कि, कोलेस्ट्रॉल कम करने वाली दवाइयों जैसे स्टैटिन के फायदे तो हैं, लेकिन इनके कई गंभीर नुकसान भी हो सकते हैं। इसीलिए वो लाइफस्टाइल में बदलाव करके बिना दवा के कोलेस्ट्रॉल कम करने की सलाह दे रहे हैं। कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड यह दो तरह की फैट है जो, शरीर में हार्ट की गंभीर बीमारियों को दावत देते हैं।
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वीडियो क्रेडिट-SAAOL Heart Center
उनका कहना है कि, स्टैटिन कॉलेस्ट्रोल को कम करने के इस्तेमाल में ली जाती है। ये कोलेस्ट्रोल हमारे खून में 1 से 200 लेवल तक होता है। लेकिन नॉर्मल 130 तक माना जाता है। अगर ये 160 से ऊपर जा रहा है तो दिल के लिए खबरे की घंटी है। कॉलेस्ट्रोल की दवाई जितने दिन ली जा रही है उतना ही फायदा करती है। इसका सेवन अगर कjना बंद कर दिया जाए तो ये फिर से बढ़ने लगता है। इसीलिए जिनका हार्ट ब्लॉकेज काफी बढ़ गया है उन्हें तो कॉलस्ट्रोल को कम करने वाली दवाओं को रोज लेना ही है।
खराब कॉलेस्ट्रोल को कंट्रोल करने वाली दवाएं कर सकती है नुकसान
हेल्थ एक्सपर्ट का कहना है कि, स्टैटिन दवाएं खून में खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करती हैं। यह दवाएं लिवर में कोलेस्ट्रॉल बनाने वाले एंजाइम को रोकती हैं। इससे खून में खराब कोलेस्ट्रॉल का स्तर बहुत जल्दी गिर जाता है। स्टैटिन दवा वैसे फायदा करता है। लेकिन फिर भी इसके साइड इफेक्ट देखने को मिलते हैं। इसके लगातार सेवन से मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द कम हो सकता है। इससे लिवर में सूजन आ सकता है। ये प्री-डायबिटीज मरीजों को नुकसान पहुंचा सकती है। इसके साथ ही पाचन संबंधी बिमारियों को जन्म दे सकती हैं। इसीलिए अगर आप कॉलस्ट्रोल को कम करने की दवा ले रहे हैं तो डॉक्टर की सलाह पर ही लें और बंद भी उनके निर्देश पर करें। अपने आप किसी भी इस तरह की दवाई को खाने से बचें।
Disclaimer: यह लेख और इसमें दी गई चिकित्सीय परामर्श केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से किसी योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इस लेख में बताए गए तरीकों और दावों को केवल सुझाव माना जाना चाहिए; डीएनपी इंडिया हिंदी न तो इनकी पुष्टि करता है और न ही खंडन करता है। ऐसे किसी भी सुझाव/उपचार/दवा/आहार का पालन करने से पहले हमेशा डॉक्टर से सलाह लें।






