Vitamin B12 : विटामिन बी 12 शरीर के लिए बहुत ही उपयोगी है। क्योंकि शरीर इसे खुद नहीं बनाता है, इसीलिए डाइट से इसकी कमी पूरी करनी पड़ती है। इसका काम लाल रक्त कोशिकाओं को बनाना, नर्वस सिस्टम की सुरक्षा करना और डीएनए बनाना होता है। लेकिन अगर ये शरीर में बनना ही बंद हो जाए तो कई तरह की समस्याएं होने लगती है। इसकी कमी के प्रमुख कारण भोजन में इसकी कमी होना या फिर शरीर द्वारा इसे सही तरीके से अवशोषित न कर पाना है। इसकी क मी शाकाहारी लोगों में सबसे ज्यादा पायी जाती है। इसकी कमी दिमाग पर बहुत ही बुरा प्रभाव डालती है। ये महत्वपूर्ण जानकारी न्यूरोलॉजिस्ट और एम्स की डॉक्टर प्रियंका सहरावत दे रही हैं।
Vitamin B12 की कमी दिमाग पर कैसा डालती है असर?
डॉक्टर प्रियंका सहरावत का कहना है कि, विटामिन बी12 की कमी सीधे तौर पर हमारे नर्वस सिस्टम को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाती है। विटामिन बी12 हमारे न्यूरोलॉजिकल सिस्टम को खराब करके याददाश्त को तो प्रभावित करती है। इसके साथ सोचन और समझने की शक्ति को भी खत्म करती है। डॉक्टर का कहना है कि , विटामिन बी12 हमारी नसों के चारों ओर एक सेफ्टी परत बनाता है, जिसे माइलिन शीथ कहा जाता है। यह परत नसों में सिग्नल को सही तरीके से संचालित करने में मदद करती है।जब शरीर में विटामिन बी12 की कमी होती है, तो यह सुरक्षात्मक परत नहीं बन पाती या टूटने लगती है। इसके कारण नसों में सिग्नलों का प्रवाह रुक जाता है या धीमा हो जाता है, जिससे नसों को नुकसान पहुँचता है। जिसके कारण शरीर में हाथ-पैरों में झुनझुनी और सुन्नता, याददाश्त में कमी, भ्रम, रीढ़ की हड्डी का कमजोर होना और बार-बार मूड खराब होना होता है। विटामिन बी12 की कमी को अगर समय रहते हुए पूरी ना किया जाए तो ये दिमाग का कबा़ड़ कर सकता है।
विटामिन बी12 की कमी कैसे करें पूरी?
शरीर में विटामिन बी12 की कमी को बढ़ाने के लिए वेज में दूध से बनी चीजें, फोर्टिफाइड ब्रेकफास्ट सीरियल्स जैसे ओट्स या कॉर्नफ्लेक्स का सेवन करना चाहिए। इसके साथ तोफू भी खा सकते हैं। वहीं, डाइट में न्यूट्रीशनल यीस्ट भी बढ़ा सकते हैं। वहीं, नॉनवेज में अंडे, मछली, केकड़े और सी फूड का सेवन बढ़ा सकते हैं। रेड मीट या फिर चिकन में भी विटामिन बी12 बहुत अधिक मात्रा में पाया जाता है। इसके साथ ही इस विटामिन की कमी को पूरा करने के लिए जानवरों का गुर्दा या फिर कलेजी खा सकते हैं।
Disclaimer: यह लेख और इसमें दी गई चिकित्सीय परामर्श केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से किसी योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इस लेख में बताए गए तरीकों और दावों को केवल सुझाव माना जाना चाहिए; डीएनपी इंडिया हिंदी न तो इनकी पुष्टि करता है और न ही खंडन करता है। ऐसे किसी भी सुझाव/उपचार/दवा/आहार का पालन करने से पहले हमेशा डॉक्टर से सलाह लें।







