Winter Blues: ठंड में अकसर लोगों का बिना बात ही दिमाग खराब हो जाता है। उन्हें समझ ही आता है कि, आखिर इस तरह से उनका मूड क्यों स्विंग हो रहा है? अगर ऐसा आपके साथ भी हो रहा है तो इसके पीछे का विज्ञान जान लें। क्योंकि ठंड के मौसम में ‘हैप्पी हार्मोन’ भी ठिठुर जाते हैं। जिसकी वजह से बिना बात के ज्यादा गुस्सा आने लगता है। कुछ लोगो का तो ब्ल्ड प्रेशर हाई भी हो जाता है। शरीर में होने वाले इन बदलावों का कारण जानें। ‘विंटर ब्लूज़’ से जुड़ी हुई ये बातें आपको हैरान कर देंगी।
Winter Blues: सर्दी में दिमाग क्यों होता है खराब?
ठंड के मौसम में ‘हैप्पी हार्मोन’ यानी सेरोटोनिन काफी स्लो हो जाते हैं। इसका कारण धूप ना मिलने के कारण विटामिन डी की कमी है। जैसे ही सेरोटोनिन का स्तर नीचे आता है वैसे ही मूड स्विंग होने शुरु हो जाते हैं। जिसकी वजह से तनाव, थकान और उदासी दिमाग पर छाने लगती है। डिप्रेशन के मरीजों पर ये और भी भयंकर असर करता है। इस समस्या को सीजनल अफेक्टिव डिसऑर्डर भी कहा जाता है। काफी लोगों को हैप्पी हार्मोन बारे में नहीं पता होगा। ये एक केमिकल है। जो कि, खुशी और सुकून का एहसास कराता है। ये इंसानी दिमाग में ही बनता है। जिन्हें डोपामाइन और ऑक्सीटोसिन भी कहा जाता है। शरीर और दिमाग के लिए ये हार्मोन बहुत ही जरुरी है। धूप में बैठने से ये बढ़ता है। इसके साथ एक्सरसाइज, मेडिटेशन और प्यार में पड़ने से भी इसका लेवल बढ़ जाता है।
ठंड में ‘हैप्पी हार्मोन’ को कैसे बढ़ाएं?
विटामिन D को बढ़ाएं
मूड को अच्छा रखने में विटामिन डी का अहम रोल होता है। इसीलिए कोशिश करें कि, ज्यादा से ज्यादा धूप में बैठें। ठंड में शरीर को धूप एनर्जी देती है। इसीलिए कोशिश करें कि, रोज 30 मिनट धूप में बैठना है।
डाइट में करें बदलाव
हेल्दी खाने का मूड पर बहुत ज्यादा असर पड़ता है। इसीलिए अपनी डाइट में फास्ट फूड, मीठा और तले-भूने को छोड़कर पौषक तत्वों से भरे हल्के भोजन को शामिल करें। इसके लिए आप पनीर, अंडे, डार्क चॉकलेट, नट्स और कद्दू के बीजों को चूनें। ये सेरोटोनिन को बढ़ाता है। इसके साथ ही 7 से 8 घंटे की नींद जरुर लें।
योग और एक्सरसाइज से बढ़ाएं ‘हैप्पी हार्मोन’
डिप्रेशन और खराब मूड को अच्छे करने का सबसे बेस्ट तरीका एक्सरसाइज या फिर योग है। आप रोजाना किसी ना किसी रुप में फिजिकल एक्टिविटी करें। इससे एंडोर्फिन और सेरोटोनिन बढ़ेगा और गुस्सा -तनाव कम होगा। खुशी के हार्मोन बढ़ाने का ये बहुत ही अच्छा तरीका है।
Disclaimer: यह लेख और इसमें दी गई चिकित्सीय परामर्श केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से किसी योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इस लेख में बताए गए तरीकों और दावों को केवल सुझाव माना जाना चाहिए; डीएनपी इंडिया हिंदी न तो इनकी पुष्टि करता है और न ही खंडन करता है। ऐसे किसी भी सुझाव/उपचार/दवा/आहार का पालन करने से पहले हमेशा डॉक्टर से सलाह लें।





