World Cancer Day 2026: आज दुनियाभर में विश्व कैंसर दिवस मनाया जा रहा है. ये एक ऐसी जानलेवा बीमारी है जिसके मरीज बहुत ही कम बच पाते हैं. अभी तक कैंसर को जड़ से खत्म करने की कोई भी दवा नहीं बनी हैं. ऐसे में इंसान को खुद ही अपने हेल्थ का ध्यान रखना होता है. इसीलिए कैंसर को शुरुआती दौर में जड़ से मिटाने के तरीके के बारे में आध्यात्मिक गुरु सदगुरु बता रहे हैं. सदगुरु कैंसर को इंटरनल क्रिमनल कहते हैं. इसी लिए वो इसे जड़ से खत्म करने का आध्यात्मिक तरीका बता रहे हैं.
सदगुरु ने बताया कैंसर से बचने का आध्यात्मिक तरीका
सदगुरु कैंसर को इंटरनल क्रिमनल कहते हैं. इसी लिए वो इसे जड़ से खत्म करने का आध्यात्मिक तरीका बता रहे हैं.सदगुरु का कहना है कि, कैंसर कोशिकाएं ‘इंटरनल क्रिमिनल’ हैं. ये शरीर में समाज में मौजूद अपराधियों की तरह बर्ताव करती हैं.
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इसीलिए इन्हें अंदर से खत्म करना बहुत जरुरी है.सदगुरु मानते हैं, कैंसर कोशिकाएं हर व्यक्ति के शरीर में होती हैं, लेकिन जब तक वे बिखरी हुई हैं, तब तक वे कोई नुकसान नहीं पहुंचातीं। समस्या तब शुरू होती है जब ये कोशिकाएं शरीर के किसी एक हिस्से में एकत्रित होकर बढ़ने लगती हैं. उन्हें जिंदा रहने के लिए बहुत अधिक एनर्जी खाने की जरुरत होती है. इसीलिए उपवास जरुर रखना चाहिए. जब व्रत या फास्ट रखा जाता है तो ये अपने आप मर जाती हैं. क्योंकि इन्हें लंबे समय तक खाना नहीं मिल पाता है.
विश्व कैंसर दिवस 2026 की थीम
विश्व कैंसर दिवस 2026 की थीम “United by Unique” यानी की ‘अद्वितीयता से एकजुट है’. इसका मतलब अलग-अलग कैंसर से जूझ रहे लोगों के अलग अनुभव हैं, लेकिन सभी मरीजों को एक जैसी देखभाल मिलनी चाहिए.
कैंसर के वैसे तो कई सारे कारण हैं. लेकिन ये प्रमुख हैं. अगर इनसे बचा जाए तो इस गंभीर बीमारी से काफी हद तक दूर रह सकते हैं.
1-तंबाकू और शराब का सेवन कैंसर की बीमारी का प्रमुख कारण है. ये फेफड़ों और मुंह के कैंसर को पैदा करता है.
2-रेड मीट , प्रोसेस्ड फूड के साथ अगर खराब खान-पीन हो तो कैंसर की संभावनाएं काफी बढ़ जाती हैं.
3-बढ़ता हुआ वजन हार्मोन्स को असंतुलित कर देता है जिसकी कारण कैंसर होन की संभावनाएं बढ़ जाती है.
Disclaimer: यह लेख और इसमें दी गई चिकित्सीय परामर्श केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से किसी योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इस लेख में बताए गए तरीकों और दावों को केवल सुझाव माना जाना चाहिए; डीएनपी इंडिया हिंदी न तो इनकी पुष्टि करता है और न ही खंडन करता है। ऐसे किसी भी सुझाव/उपचार/दवा/आहार का पालन करने से पहले हमेशा डॉक्टर से सलाह लें।






