रविवार, नवम्बर 30, 2025
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Manrega Yojana Bihar: मनरेगा श्रमिकों पर सरकार की पैनी नजर, फर्जी हाजिरी भूगतान पर कसेगा शिकंजा, जानकर खूब तालियां बजाएंगे आप

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Manrega Yojana Bihar: अधिकतर लोगों ने मनरेगा के बारे में सुना होगा। क्या आप इस योजना का उद्देश्य जानते हैं? अगर नहीं, तो आज इसके बारे में जानना बहुत ज़रूरी है। मनरेगा केंद्र सरकार की खास योजनाओं में से एक रही है, जो ग्रामीण इलाकों में कई परिवारों के लिए उम्मीद की किरण लेकर आई है।

हालांकि, समय के साथ इसमें कई गड़बड़ियों की खबरें सामने आई हैं। यह समझना ज़रूरी है कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा), जिसे नरेगा से भी जाना जाता है। यह एक प्रमुख सरकारी योजना है जिसका उद्देश्य ग्रामीण इलाकों में परिवारों की रोजी-रोटी की सुरक्षा को बढ़ाना है। मनरेगा भारत सरकार द्वारा 2005 में शुरू की गई एक रोजगार गारंटी योजना है। बिहार मनरेगा योजनाओं में धांधली रोकने के लिए बड़े पैमाने पर कार्य तेजी से चल रहा है। इसका साकारात्मक असर आने वाले दिनों में दिखना तय माना जा रहा है।

मनरेगा श्रमिकों पर सरकार की पैनी नजर – Manrega Yojana Bihar

मालूम हो कि बिहार में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत रजिस्टर्ड कुल मज़दूरों की संख्या 2.72 करोड़ बताई जाती है। इनमें से सिर्फ़ 99.27 लाख मज़दूर ही योजना के कामों में एक्टिव रूप से काम करते रहे हैं। बाकी श्रमिकों के रिपोर्ट कार्ड को लेकर विभाग अभी कुछ नहीं बता रहा है।

इन सबके बीच मनरेगा को पटरी पर लाने के लिए अब केंद्र की मोदी सरकार ने बड़ी तैयारी की है। मनरेगा मज़दूरों के नाम पर फ़र्ज़ी अटेंडेंस रिकॉर्ड को रोकना केन्द्र और राज्य सरकार की प्राथमिकता में है। इससे स्कीम में शामिल मज़दूरों को सही तरीके से फ़ायदा मिल सकेगा। मोदी सरकार ने इसके लिए एक खास प्लान बनाया है। इसे जानने के लिए ख़बर को अंत तक पढ़ें।

फर्जी हाजिरी भूगतान पर कसेगा शिकंजा – मनरेगा योजना बिहार

महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत श्रमिकों का सबसे पहले ई-केवाईसी कराना अनिवार्य है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पहले चरण में एक सितंबर से एक नवंबर तक मनरेगा में सक्रिय श्रमिकों का ई-केवाईसी कराया गया। जिसमें केवल 28.54 लाख मजदूरों का ही ई-केवाईसी पूरा हो सका। बाद बाकी का ई-केवाईसी हुआ ही नहीं।

बहरहाल, इतना जान लें कि अब मनरेगा के तहत जो भी कार्य होंगे,उसमें श्रमिकों का कार्यस्थल पर बायोमेट्रिक हाजिरी लागू करना अनिवार्य किया गया है। इसमें मजदूरों का फेस रिकॉग्नाइजेशन कर उनका सत्यापन आसानी से किया जा सकेगा। इनसे फर्जी हाजिरी और अवैध धन निकासी पर रोक लग सकेगा। इतना ही नहीं, जहां भी गड़बड़ी पकड़ी जाएगी, वहां पर संबंधित मनरेगा के अधिकारी और कर्मियों पर तुरंत कार्रवाई होगी।

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Rupesh Ranjan
Rupesh Ranjanhttp://www.dnpindiahindi.in
Rupesh Ranjan is an Indian journalist. These days he is working as a Independent journalist. He has worked as a sub-editor in News Nation. Apart from this, he has experience of working in many national news channels.

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