Cancer: सर्वाइकल कैंसर हो या फिर ब्रेस्ट कैंसर महिलाओं में अलग-अलग कैंसर को लेकर समस्याएं दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है और ऐसे में समय रहते इसका पता लगाना बेहद जरूरी होता है। इसके लिए आपको कब कौन से टेस्ट करवाने होते हैं। अगर आप भी यह जानना चाहते हैं तो डॉक्टर शिवरंजनी संतोष ने महिला दिवस के मौके पर वीडियो शेयर कर लोगों को सावधान करती हुई नजर आई थी। इस दौरान उन्होंने बताया कि आखिर कब कौन से कैंसर का टेस्ट करवाना जरूरी होता है ताकि समय रहते इसका पता चल सके और इलाज मिल सके।
सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए क्या करें
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21 से 65 वर्ष की आयु गर्भाशय ग्रीवा कैंसर की जांच के तरीके क्या हैं? महिलाओं को कितनी बार जांच करानी चाहिए? 21 से 29 वर्ष की आयु की महिलाओं के लिए हर 3 साल में पैप स्मीयर। 30 से 65 वर्ष की आयु की महिलाओं के लिए हर 5 साल में पैप स्मीयर और एचपीवी परीक्षण की संयुक्त जांच या हर 3 साल में पैप स्मीयर टेस्ट करवाना जरूरी है।
स्तन कैंसर को लेकर कब हो जाए सचेत
45 से 54 वर्ष की आयु तक हर साल मैमोग्राम करवाएं। 55 वर्ष की आयु के बाद – हर दो साल में (या सालाना) मैमोग्राम करवाएं। इसके साथ ही अगर आपकी फैमिली में किसी को बेस्ट कैंसर है तो आपको पहले से सचेत रहने की जरूरत है क्योंकि आपको ज्यादा रिस्क होने की संभावना है।
मेनोपॉज के बाद किस Cancer का होता है खतरा
मेनोपॉज के बाद योनि से किसी भी प्रकार का रक्तस्राव या स्पॉटिंग होने पर तुरंत डॉक्टर को सूचित करें। यह गर्भाशय की भीतरी परत के कैंसर का संकेत हो सकता है। मेनोपॉज के बाद खास ध्यान रखना होता है ताकि समय रहते होने वाले इस कैंसर का पता लगाया जा सके।
Disclaimer: यह लेख और इसमें दी गई चिकित्सीय परामर्श केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से किसी योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इस लेख में बताए गए तरीकों और दावों को केवल सुझाव माना जाना चाहिए; डीएनपी इंडिया हिंदी न तो इनकी पुष्टि करता है और न ही खंडन करता है। ऐसे किसी भी सुझाव/उपचार/दवा/आहार का पालन करने से पहले हमेशा डॉक्टर से सलाह लें।






