Sugar को बॉलीवुड सेलिब्रिटीज मानते हैं विलेन लेकिन क्या है इसकी सच्चाई, एक्सपर्ट से जानें वजन बढ़ने को लेकर मिथ और सच्चाई

Sugar: क्या आप भी वजन बढ़ने के डर से चीनी को अपना असली विलेन मान बैठे हैं। शायद आप गलत सोच रहे हैं क्योंकि छोटी-छोटी गलती आपके लिए रिस्की है। ऐसे में आइए जानते हैं क्या है वह जो हानिकारक है।

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Photo Credit- Google Sugar

Sugar: चीनी जिसे स्वास्थ्य की अलग-अलग समस्याओं के लिए वजह बताया जाता है। शिल्पा शेट्टी, जॉन अब्राहम, आलिया भट्ट, सोनाक्षी सिन्हा ने शुगर को अपनी जिंदगी से कट आउट किया है लेकिन क्या वाकई चीनी आपके लिए विलेन है। आइए जानते हैं इस बारे में डॉक्टर रिचा पारीक ने क्या कहा है। कहीं आप भी शुगर को अपनी जिंदगी का विलेन मान रहे हैं तो आइए जानते हैं वजह क्या है और कैसे यह आपकी गलतफहमी है।

क्या वाकई चीनी है आपके लिए बड़ा दुश्मन

चीनी के बारे में गलतफहमी को दूर करते हुए एक्सपर्ट कहती है कि विलेन शुगर नहीं है लेकिन सच्चाई यह है कि आखिर आप इसका इस्तेमाल कैसे कर रहे हैं। आप चाय में चीनी लेना बंद कर देते हैं लेकिन बाकी चीज जैसे पैकेज फूड से लेकर बिस्कुट और हर दिन इस्तेमाल होने वाली खाद्य पदार्थ को अपनी जिंदगी से कैसे निकाल पाएंगे। ऐसे में सिर्फ चीनी को दोष देना शायद गलत है।

चीनी को छोड़ इन चीजों पर करें गौर

एक्सपर्ट का कहना है कि सिर्फ चीनी विलेन नहीं है बल्कि आपकी लाइफस्टाइल में आप क्या कर रहे हैं यह तय करता है। अगर आप दिन भर बिस्किट, कोल्ड ड्रिंक, चिप्स आइसक्रीम और स्नेक्स खाते हैं तो चाय में चीनी कोई बड़ी समस्या नहीं है। डॉक्टर की माने तो WHO की गाइडलाइंस के अनुसार एडेड शुगर रोजाना की कैलोरी का 10% तक हो सकती है जो लगभग 25 ग्राम होता है तो ऐसे में सिर्फ चीनी को दोष देना गलत है।

Sugar बंद करने की बजाय क्या करने से होगा फ़ायदा

इसके साथ ही एक्सपर्ट ने यह भी बताया कि अगर आप सिर्फ शुगर को समस्या की वजह मान रहे हैं तो आपको इस बात का ध्यान रखना होगा कि आप पोर्शन का ध्यान रखें। प्रोसैस्ड फूड को बंद करें और बीच-बीच में जो आप स्नैक्स खाते हैं उसे भी बंद करें। इसके साथ ही आपको एक्सरसाइज पर भी ध्यान देने की जरूरत है।

Disclaimer: यह लेख और इसमें दी गई चिकित्सीय परामर्श केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से किसी योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इस लेख में बताए गए तरीकों और दावों को केवल सुझाव माना जाना चाहिए; डीएनपी इंडिया हिंदी न तो इनकी पुष्टि करता है और न ही खंडन करता है। ऐसे किसी भी सुझाव/उपचार/दवा/आहार का पालन करने से पहले हमेशा डॉक्टर से सलाह लें।

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