Anurag Dhanda: आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी Anurag Dhanda ने इथेनॉल नीति और ईंधन की कीमतों को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के एक पुराने बयान का हवाला देते हुए सवाल उठाया कि जब इथेनॉल को पेट्रोल का बेहतर और सस्ता विकल्प बताया गया था,
तो आज आम लोगों को उसका लाभ क्यों नहीं मिल रहा है। बता दें कि इथेनॉल को लेकर कई तरह के सवाल खड़े हो रहे है और इसे लेकर लगातार चर्चाएं जारी है। इसी बीच अब नेता ने भी इस मामले में सवाल खड़ा किया है। चलिए आपको बताते है इससे जुड़ी सभी अहम जानकारी।
Anurag Dhanda ने इथेनॉल पर उठाए सवाल
आप नेता Anurag Dhanda ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर जानकारी देते हुए लिखा कि “सारा देश इथेनॉल के लिए गडकरी को गाली दे रहा है जबकि काम ये मोदी का है।
सारा देश इथेनॉल के लिए गडकरी को गाली दे रहा है जबकि काम ये मोदी का है।
लोग तेल की कमी और दामों को लेकर सवाल पूछने लगे थे। अब लोग अपनी गाड़ी और इथेनॉल पर सवाल पूछ रहे हैं, महंगा सस्ता भूल गये हैं।
— Anurag Dhanda (@anuragdhanda) July 9, 2026
लोग तेल की कमी और दामों को लेकर सवाल पूछने लगे थे। अब लोग अपनी गाड़ी और इथेनॉल पर सवाल पूछ रहे हैं, महंगा सस्ता भूल गये हैं”।
राजनीतिक बहस तेज
इथेनॉल नीति और पेट्रोल-डीजल की कीमतों को लेकर एक बार फिर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। विपक्ष केंद्र सरकार से ईंधन की कीमतों में राहत देने की मांग कर रहा है, जबकि सरकार अपनी इथेनॉल नीति को देश की दीर्घकालिक ऊर्जा रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा बता रही है।
आने वाले दिनों में यह मुद्दा संसद से लेकर चुनावी मंचों तक राजनीतिक बहस का प्रमुख विषय बन सकता है, क्योंकि महंगाई और ईंधन की कीमतें सीधे तौर पर आम जनता और देश की अर्थव्यवस्था से जुड़ा हुआ मुद्दा हैं। सरकार का यह भी दावा है कि इथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम के कारण तेल कंपनियों का आयात खर्च कम हुआ है और लाखों किसानों को इथेनॉल उत्पादन से जुड़े उद्योगों के माध्यम से लाभ मिला है।







